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14-Nov-2025 08:57 AM
By First Bihar
Bihar Election Results 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की मतगणना सुबह 8 बजे से शुरू हो गई है। सबसे पहले मतगणना केंद्रों पर पोस्टल बैलेट की गिनती की गई, उसके बाद सुबह 8.30 बजे से ईवीएम की काउंटिंग शुरू हो गई। शुरुआती रुझानों में एनडीए 70 से अधिक सीटों पर आगे दिखाई दे रही है।
इस बार एनडीए के सहयोगी दलों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति (रामविलास), जीतन राम मांझी की हिंदुस्तान आवाम मोर्चा (सेकुलर) और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने 243 विधानसभा सीटों में कुल 41 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। शुरुआती रुझानों के अनुसार, एलजेपी 4 सीटों पर, हिंदुस्तान आवाम मोर्चा (सेकुलर) 2 सीटों पर और राष्ट्रीय लोक मोर्चा 3 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं।
विशेष रूप से चिराग पासवान इस चुनाव में एनडीए के तीसरे सबसे बड़े सहयोगी हैं। उनके पास 29 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की जिम्मेदारी थी। हालांकि, उनके एक प्रत्याशी का पर्चा खारिज हो चुका है। इस बार चिराग पासवान खुद चुनावी मैदान में नहीं उतरे हैं, लेकिन उनके दल का प्रदर्शन एनडीए के लिए सत्ता की राह आसान करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
वहीं, जीतन राम मांझी की पार्टी 2020 के विधानसभा चुनाव में 4 सीटों पर सफल रही थी। इस बार उन्होंने 6 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं और उन्हें अपने पिछले प्रदर्शन को दोहराने का दबाव है। शुरुआती रुझानों में उनकी स्थिति संतोषजनक दिखाई दे रही है।
उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने कुल 6 सीटों पर उम्मीदवार उतारे। 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें काराकाट सीट पर हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन इस बार उन्होंने विधानसभा चुनाव में भी अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश की। हालांकि, उन्हें मन मुताबिक सीट नहीं मिली थी, और चुनावी तैयारी के दौरान उनकी नाराजगी की खबरें मीडिया में आईं। बावजूद इसके, एनडीए ने सहयोगी दलों का संतुलन बनाए रखा और उनकी स्थिति मजबूत दिखाई दी।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि एनडीए की सफलता इस बार सहयोगी दलों के प्रदर्शन पर भी निर्भर करेगी। चिराग पासवान, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा के बेहतर परिणाम एनडीए के लिए सत्ता में वापसी सुनिश्चित करने में निर्णायक साबित होंगे। इसके अलावा, शुरुआती रुझानों के अनुसार, एनडीए का परिवार बड़ा होने से उसे कई सीटों पर मजबूती मिलने की संभावना है।
मतगणना जारी है और जैसे-जैसे रुझान स्पष्ट होंगे, यह साफ हो जाएगा कि एनडीए सहयोगी दलों के प्रदर्शन के आधार पर कितनी सीटें जीतने में सफल होती है और बिहार में सरकार बनाने की राह कितनी आसान या कठिन साबित होगी।