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Anant Singh Caste Kya Hai: अचानाक क्यों चर्चा में आया अनंत सिंह का कास्ट,गूगल पर टॉप ट्रेंडिंग में पूछा जा रहा यह सवाल; आप भी जान लें जवाब

Anant Singh Caste Kya Hai: बिहार की राजनीति एक बार फिर गरमाई हुई है। सोशल मीडिया पर भी अनंत सिंह को लेकर चर्चा तेज है। गूगल पर सबसे ज्यादा सर्च किया जाने वाला सवाल है “अनंत सिंह की जाति क्या है?”

02-Nov-2025 01:28 PM

By First Bihar

Anant Singh Caste Kya Hai: बिहार की राजनीति एक बार फिर गरमाई हुई है। बहुचर्चित दुलारचंद यादव हत्याकांड में बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार पुलिस ने जदयू विधायक और बाहुबली नेता अनंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की टीम ने रविवार देर रात पटना जिले के बाढ़ स्थित कारगिल मार्केट से अनंत सिंह को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी की खबर फैलते ही मोकामा और पटना में राजनीतिक हलचल तेज हो गई।


गिरफ्तारी के बाद अनंत सिंह के समर्थकों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और इसे राजनीतिक साजिश बताया। वहीं, विपक्षी दलों ने सरकार पर हमला बोला है। राजद और कांग्रेस ने इसे “चुनावी स्टंट” करार दिया, जबकि जनसुराज पार्टी ने कहा कि यह “जंगलराज की वापसी” है। दूसरी ओर, जदयू नेताओं ने इसे कानून के अनुसार की गई कार्रवाई बताया और कहा कि किसी को भी कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता। 


इस बीच, सोशल मीडिया पर भी अनंत सिंह को लेकर चर्चा तेज है। गूगल पर सबसे ज्यादा सर्च किया जाने वाला सवाल है “अनंत सिंह की जाति क्या है?” जनता के बीच यह जानने की उत्सुकता है कि बाहुबली नेता किस पृष्ठभूमि से आते हैं। साथ ही अनंत सिंह क्या करते है? कहां रहते है? इस तरह से गूगल पर हजारों तहर के सवाल काफी ट्रेडिंग में है। 


अनंत सिंह का राजनीतिक और आपराधिक सफर

अनंत कुमार सिंह उर्फ “छोटे सरकार” बिहार के मोकामा क्षेत्र से पांच बार विधायक रह चुके हैं। उनका जन्म 1967 में पटना जिले के नदवां गांव में हुआ था। वे भूमिहार (राजपूत) समुदाय से संबंध रखते हैं। कहा जाता है कि उनके बड़े भाई दिलीप सिंह के अपराध जगत में प्रवेश करने के बाद अनंत सिंह ने भी उस रास्ते पर कदम रखा।

2005 में उन्होंने जदयू के टिकट पर पहली बार विधानसभा चुनाव जीता, फिर 2010, 2015 और 2020 में भी लगातार जीत दर्ज की। हालांकि, 2020 में उन्होंने राजद के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीता। अनंत सिंह के खिलाफ अब तक 70 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या, अपहरण, आर्म्स एक्ट और रंगदारी जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। वे पहले भी 10 साल की सजा काट चुके हैं।


घटना की पूरी कहानी

30 अक्टूबर को मोकामा विधानसभा क्षेत्र में जनसुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के चुनाव प्रचार के दौरान हिंसा भड़क गई। बताया जाता है कि अनंत सिंह और दुलारचंद यादव के समर्थकों के बीच झड़प हुई, जिसके बाद स्थिति बिगड़ गई। पथराव के बाद 75 वर्षीय दुलारचंद यादव को गोली मारी गई और गाड़ी चढ़ाकर हत्या कर दी गई। मृतक के पोते रवि रंजन यादव ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि यह हत्या एक सोची-समझी साजिश थी, जिसमें अनंत सिंह का हाथ है। हालांकि, अनंत सिंह ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि “यह सूरजभान सिंह द्वारा रची गई साजिश है।” पुलिस ने इस घटना में चार एफआईआर दर्ज की हैं, जिनमें हत्या, आपराधिक साजिश, आर्म्स एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।


चुनावी माहौल पर असर

इस हत्याकांड और अनंत सिंह की गिरफ्तारी ने मोकामा सीट को ‘हॉट सीट’ बना दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस घटना का फायदा किसे मिलता है एनडीए को सहानुभूति वोट मिलते हैं या आरजेडी इस स्थिति का राजनीतिक लाभ उठा पाती है। मोकामा में पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को होना है और अब वहां की सियासत पूरी तरह से बदल चुकी है।