VAISHALI:वैशाली जिले के राजापाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से एक कथित अश्लील वीडियो वायरल होने का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया। वायरल वीडियो को लेकर अस्पताल के एक्स-रे कर्मचारी पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। हालांकि फर्स्ट बिहार वायरल वीडियो पुष्टि नहीं करता। 


बताया जा रहा है कि एक गरीब और मजबूर महिला अपने परिजन का इलाज कराने अस्पताल पहुंची थी। आरोप है कि एक्स-रे जांच के लिए उससे अस्पताल कर्मी ने पैसे की मांग की तब महिला ने अपनी आर्थिक मजबूरी बताई, तो उसकी उसी मजबूरी का कथित तौर पर गलत फायदा उठाया गया और उसके साथ एक्स-रे रूम मे ही घिनौनी हरकत की गई। जिसका कथित वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। फर्स्ट बिहार वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता। 


मिली जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले एक महिला अपने परिजन का इलाज कराने राजापाकर पीएचसी पहुंची थी। चिकित्सकीय जांच के बाद डॉक्टर ने मरीज का एक्स-रे कराने की सलाह दी। आरोप है कि एक्स-रे कक्ष में मौजूद एक कर्मचारी ने जांच के लिए महिला से 100 रुपये मांगे। महिला ने पैसे नहीं होने की बात कही तो एक्स-रे कर्मी ने कथित रुप से अनुचित प्रस्ताव रखा और महिला की मजबूरी का लाभ उठाया। 


लेकिन अगर यह आरोप सही हैं, तो सोचिए जिस सरकारी अस्पताल में लोग इलाज और भरोसे की उम्मीद लेकर जाते हैं, अगर वहीं उनकी मजबूरी का सौदा होने लगे, तो आम आदमी आखिर किस पर भरोसा करे? यह मामला सिर्फ एक महिला का नहीं है। यह हर उस गरीब परिवार का सवाल है, जो सरकारी अस्पताल में यह सोचकर जाता है कि वहाँ उसे इंसाफ और इलाज मिलेगा, शोषण नहीं। महिला अपने सास का एक्स-रे कराने गई थी। सबसे बड़ा सवाल स्वास्थ्य विभाग से है। अगर पहले भी अवैध वसूली और मनमानी की शिकायतें सामने आती रही थीं, तो आखिर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? निगरानी कहाँ थी? जिम्मेदार अधिकारियों ने समय रहते व्यवस्था को दुरुस्त क्यों नहीं किया?


हम किसी वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं कर रहे हैं। यह जांच का विषय है। लेकिन अगर जांच में लगाए गए आरोप सही साबित होते हैं, तो दोषियों पर सिर्फ विभागीय कार्रवाई नहीं, बल्कि सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। हर बेटी, हर बहन और हर मरीज की गरिमा की रक्षा करना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। सरकारी अस्पताल सेवा का मंदिर हैं, किसी की मजबूरी का फायदा उठाने की जगह नहीं।


बहरहाल इस पूरे मामले पर वैशाली के सिविल सर्जन श्याम नंदन प्रसाद ने बताया कि ये वीडियो कब का है, किसका वीडिओ है, इसके लिए दो सदस्यीय टीम राजापाकर अस्पताल जाँच करने गई है। जाँच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो जाएगा कि घटना कब की और कहां की है। अब सारी निगाहें प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की जांच पर टिकी हुई हैं। सच सामने आना चाहिए, दोषी चाहे कोई भी हो, उसे कानून के कठघरे तक पहुँचाना ही चाहिए।

वैशाली से मुन्ना खान की रिपोर्ट