HAJIPUR: बिहार में शराबबंदी और नशा मुक्त अभियान के दावों के बीच वैशाली जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां नशे की लत में फंसे नाबालिग बच्चों पर अपने ही दोस्त के अपहरण की आशंका जताई जा रही है। 13 वर्षीय एक बच्चा दोस्तों के साथ खेलने निकला था, लेकिन देर शाम तक घर वापस नहीं लौटा। परिजनों ने दोस्तों पर अपहरण और हत्या की आशंका जताते हुए थाना में आवेदन दिया है।
मामला वैशाली जिले के लालगंज थाना क्षेत्र के शाहदुल्लाहपुर गांव का है। बताया गया है कि 23 मई को 13 वर्षीय मो. शाहिद अपने कुछ दोस्तों के साथ खेलने के लिए घर से निकला था। उसके साथ गए अन्य बच्चे तो वापस लौट आए, लेकिन शाहिद घर नहीं पहुंचा।
परिजनों ने जताई अपहरण की आशंका
परिवार वालों ने गांव और आसपास के इलाकों में काफी खोजबीन की, लेकिन बच्चे का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद शाहिद की मां खुशबू खातून ने लालगंज थाना में आवेदन देकर बेटे के अपहरण की आशंका जताई। मां का आरोप है कि शाहिद के साथ रहने वाले कुछ लड़के नशा करते थे और नशे के लिए अक्सर उससे पैसे मांगते थे। परिजनों के अनुसार शाहिद पहले भी घर से पैसे चोरी कर अपने दोस्तों को देता था, ताकि वे नशा कर सकें।
जान से मारने की दी थी धमकी
परिवार ने आवेदन में यह भी आरोप लगाया है कि कुछ दिन पहले आरोपित लड़कों ने शाहिद को जान से मारने की धमकी दी थी। ऐसे में परिजनों को आशंका है कि नशे और पैसों के विवाद में उसके बेटे का अपहरण कर लिया गया है या उसके साथ कोई अनहोनी हो चुकी है। घटना के बाद परिवार में मातम का माहौल है। मां का रो-रोकर बुरा हाल है और परिवार के लोग बच्चे की सुरक्षित वापसी की दुआ कर रहे हैं।
पुलिस जांच में जुटी
मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीपीओ गोपाल मंडल और लालगंज थानाध्यक्ष मनमोहन कुमार जांच में जुट गए हैं। पुलिस बच्चे की तलाश के लिए लगातार छापेमारी और पूछताछ कर रही है। यह घटना एक बार फिर बिहार में नशा मुक्त अभियान पर सवाल खड़े कर रही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर नशे का जहर नाबालिग बच्चों तक कैसे पहुंच रहा है और यदि बच्चे ही इसकी गिरफ्त में आ रहे हैं, तो समाज का भविष्य कितना सुरक्षित है?