Bihar Crime News: वैशाली जिले के महनार गंगा रोड स्थित हिरा आभूषण भंडार में पटना पुलिस की छापेमारी के बाद हड़कंप मच गया। पुलिस ने दुकान मालिक सुबोध कुमार साह और उनके पुत्र सन्नी कुमार को चोरी के आभूषण खरीदने के आरोप में गिरफ्तार कर पटना ले गई। कार्रवाई के दौरान दुकान के बाहर लोगों की भारी भीड़ जुट गई और पूरे बाजार में दिनभर इस मामले की चर्चा होती रही।
जानकारी के अनुसार, पटना पुलिस लंबे समय से चोरी के आभूषणों के नेटवर्क की जांच कर रही थी। इसी जांच के दौरान महनार के इस ज्वेलरी कारोबारी का नाम सामने आने पर पुलिस ने कार्रवाई की। हालांकि पुलिस की ओर से फिलहाल आधिकारिक रूप से अधिक जानकारी साझा नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों का दावा है कि जांच में कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।
घटना के बाद कारोबारी की तेजी से बढ़ी संपत्ति को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ महीने पहले ही कारोबारी द्वारा करोड़ों रुपये की जमीन खरीदने की चर्चा पूरे इलाके में थी। लोगों ने मांग की है कि यदि सामान्य आभूषण कारोबार से इतनी बड़ी संपत्ति अर्जित की गई है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से दुकानदार के बैंक खातों, जमीन खरीद-बिक्री, आयकर विवरण, निवेश और अन्य चल-अचल संपत्तियों की जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि अवैध कमाई से संपत्ति बनाई गई है तो उस पर भी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
महनार में इससे पहले भी कई ज्वेलरी कारोबारियों पर चोरी के गहने कम कीमत पर खरीदने के आरोप लगते रहे हैं। बावजूद इसके अब तक किसी बड़े नेटवर्क का खुलासा नहीं हो पाया है। ऐसे में यह मामला फिर कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर चोरी के गहनों का यह नेटवर्क कैसे काम करता है? क्या बिना पहचान पत्र, खरीद रसीद और वैध दस्तावेजों के गहनों की खरीद-बिक्री की जा रही थी? यदि ऐसा हो रहा था तो संबंधित विभागों द्वारा समय-समय पर जांच क्यों नहीं की गई?
स्थानीय लोगों का कहना है कि चोरी के आभूषण खरीदने वाले कारोबारी ही अपराधियों को बढ़ावा देते हैं। जब चोरों को आसानी से गहने बेचने का बाजार मिल जाता है, तब चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ती हैं और आम लोगों की जीवनभर की जमा पूंजी अपराधियों के निशाने पर आ जाती है।
लोगों ने पुलिस से मांग की है कि केवल गिरफ्तारी तक सीमित न रहकर पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच की जाए। साथ ही यह भी पता लगाया जाए कि इस कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और चोरी के गहनों की खरीद-बिक्री किन माध्यमों से की जा रही थी। फिलहाल महनार का यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और सभी की नजर पुलिस जांच के अगले खुलासों पर टिकी है।