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वैशाली में डायल 112 की टीम पर कार्रवाई: घूस मांगने और मारपीट मामले में पुलिस कर्मी सस्पेंड, काम से हटाये गये 2 होमगार्ड जवान

फर्स्ट बिहार की खबर का एक बार फिर हुआ असर: खबर चलने के बाद डायल 112 पुलिस पर वैशाली एसपी ने कार्रवाई करते हुए एक कर्मी को सस्पेंड कर दिया और दो होमगार्ड हटाए गए, मामले की जांच में लापरवाही सामने आई।

04-Apr-2026 09:20 PM

By First Bihar

VAISHALI: फर्स्ट बिहार की खबर का असर एक बार फिर हुआ है। खबर प्रसारित किये जाने के बाद वैशाली एसपी ने एक्शन लिया है। दरअसल बिहार के वैशाली में डायल 112 की पुलिस पर 1000 रुपये घूस लेने,पीड़ित को पीटने और जातिसूचक गालियां देने का आरोप लगा था। सोशल मीडिया पर तेजी से इसका वीडियो वायरल हो रहा था। जिसे संज्ञान में लेते हुए डायल 112 पर तैनात पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गयी है। वायरल वीडियो की जांच का आदेश वैशाली एसपी विक्रम सिहाग ने महनार अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को दिया। जांच करने के बाद इसकी रिपोर्ट एसपी को सौपी गयी।


जांच रिपोर्ट में बताया गया कि महनार डायल 112 ERV पर ड्यूटी कर रहे पी०टी०सी० विनोद कुमार द्वारा बिना वरीय पदाधिकारी को सूचित किये किसी मामले में एक व्यक्ति को गाड़ी में बैठाकर थाना ना ले जाकर किसी अन्यत्र स्थान पर छोड़ दिया गया, जो कि प्रथम दृष्टया संदेहास्पद प्रतीत हो रहा है। जिसके बाद वैशाली एसपी ने महनार डायल 112 ईआरवी पर प्रतिनियुक्त पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की। 


पीटीसी विनोद कुमार को प्रथमदृष्टया दोषी पाये जाने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। वही इस प्रकरण में संलिप्त गृह रक्षक जवान चंदन कुमार सिंह एवं सुधीर कुमार पंडित को काम से हटा दिया गया है। दोनों के खिलाफ आवश्यक अनुशासनिक कार्रवाई करने के लिए गृह रक्षक समादेष्टा को निर्देश दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद वैशाली एसपी ने विक्रम सिहाग कहा कि जिला पुलिस द्वारा यह स्पष्ट किया जाता है कि कर्तव्य में लापरवाही, अनुशासनहीनता अथवा नियमों की अवहेलना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं है। भविष्य में भी इस प्रकार की शिकायतों पर वैशाली पुलिस द्वारा सख्त कार्रवाई की जायेगी। एसपी की इस कार्रवाई से पुलिस कर्मियों के बीच हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस कर्मियों के बीच वैशाली एसपी विक्रम सिहाग की इस कार्रवाई की चर्चा हो रही है। 


क्या था पूरा मामला जानिये?

दरअसल यह मामला वैशाली जिले के महनार थाना क्षेत्र अंतर्गत देशराजपुर बजरंगबली चौक का है, जहां कुछ नशेड़ी किस्म के लोग नशे के रूप में स्मैक और गांजा पी रहे थे। इन नशेड़ियों के यहां नशा करने से रोकने पर कुछ युवकों ने 45 वर्षीय एक व्यक्ति की बेरहमी से पिटाई कर दी थी। जिसे बाद पीड़ित ने जब इस बात की सूचना पुलिस को दी, तब डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची जरूर लेकिन पीड़ित की बात सुनने के बजाय उल्टे थप्पड़ जड़ दिया और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर गालियां दी गयी। इससे भी मन नहीं भरा तो गाड़ी में बिठाकर ले स्टेशन ले गया और वहां एक दुकान में 1000 रुपये घूस ऑनलाइन करने को कहने लगा। पीड़ित ने बताया कि वह दो बार में एक हजार रुपया ऑनलाइन किया जिसके बाद दुकानदार से पुलिस कर्मी ने एक हजार रुपया लिया उसके बाद उसे घर के पास वार्निंग देकर छोड़ दिया गया। 


यह घटना बीते देर रात करीब 10 बजे की है। पीड़ित की पहचान देशराजपुर बजरंगबली चौक निवासी गणेश राम के पुत्र धर्मेंद्र राम के रूप में हुई है। धर्मेंद्र ने बताया कि उन्होंने गांव के बच्चों को सूखे नशे की दलदल में फंसने से रोकने के लिए कुछ लड़कों को नशा करने से मना किया था, जिसके बाद लड़कों ने उनकी पिटाई कर दी।


मारपीट के बाद धर्मेंद्र राम ने तत्काल डायल 112 और महनार थाने की पुलिस को सूचना दी। पुलिस घटनास्थल पर पहुंची, लेकिन तब तक आरोपी लड़के भाग चुके थे। आरोप है कि पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के बजाय धर्मेंद्र राम को ही अपनी गाड़ी में बैठा लिया।धर्मेंद्र राम का आरोप है कि पुलिस उन्हें अस्पताल ले जाकर इलाज कराने के बजाय करीब 5 किलोमीटर दूर महनार स्टेशन के पास तक घुमाती रही। वहां पुलिसकर्मियों ने उन्हें पीटा और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए गाली-गलौज भी की।


धर्मेंद्र ने बताया कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें होश में रहने की धमकी दी और कहा कि अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया तो उन्हें थाने में बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद पुलिस ने उनसे एक हजार रुपये की मांग की। धर्मेंद्र के पास नकद रुपये नहीं होने पर पुलिस ने स्टेशन स्थित दुकानदारों से यूपीआई ट्रांजेक्शन के जरिए नकद मंगवाकर एक हजार रुपये लिए और फिर उन्हें छोड़ा।


धर्मेंद्र के अनुसार, पुलिस कर्मियों ने उन्हें यह भी चेतावनी दी कि वे आगे से नशा करने वालों की सूचना पुलिस को न दें, अन्यथा उनका जीवन बर्बाद कर दिया जाएगा। जब पुलिस धर्मेंद्र राम को उनके घर छोड़ने आई, तो परिजनों ने पुलिस का ही बंधक बना लिया और हंगामा शुरू कर दिया। परिवार के लोग पुलिस की गाड़ी के सामने लेट गए।  पुलिस कर्मी पैसा वापस करने को तैयार हो गये लेकिन पीड़ित दोषी पुलिस कर्मी पर कार्रवाई की मांग पर अड़ा रहा। इस बात को लेकर घंटों हो हंगामा होता रहा। महनार थानाध्यक्ष के घंटों समझाने-बुझाने के बाद मामला शांत हो सका।


वैशाली से विक्रमजीत की रिपोर्ट