Rishu Shree case: जेल में बंद टेंडर फिक्सिंग माफिया रिशु श्री को विशेष निगरानी इकाई (SVU) रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। इसके लिए आज गुरुवार को SVU कोर्ट में अर्जी दाखिल कर सकती है। एजेंसी ने उससे पूछताछ की तैयारी शुरू कर दी है और सवालों की विस्तृत सूची भी तैयार कर ली गई है। रिशु श्री के बाद अन्य अभियुक्तों से भी चरणबद्ध तरीके से रिमांड पर पूछताछ की जाएगी।


जांच में सामने आया है कि रिशु श्री का कई सरकारी अधिकारियों के साथ गहरा गठजोड़ था। आरोप है कि उसने टेंडर और ठेके हासिल करने के लिए रिश्वत और कमीशन का इस्तेमाल किया। एसवीयू की जांच के अनुसार, रिशु श्री जल संसाधन विभाग, भवन निर्माण विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग और बीएमएसआईसीएल जैसी संस्थाओं में अपनी कंपनियों के पक्ष में काम कराने के लिए अधिकारियों को प्रभावित करता था।


सूत्रों के अनुसार, रिशु श्री इंजीनियर तारिणी दास को बिल पास कराने के एवज में 3.5 प्रतिशत कमीशन देता था, जबकि उमेश सिंह को लगभग 1 प्रतिशत कमीशन देने का आरोप है। वहीं मुमुक्षु कुमार चौधरी पर भी पद के दुरुपयोग और मनचाही कंपनियों को लाभ पहुंचाने में सहयोग करने के आरोप सामने आए हैं।


जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि मुमुक्षु कुमार चौधरी के सीतामढ़ी नगर आयुक्त रहते हुए उन्हें अतिरिक्त प्रभार दिलाने और बाद में शहरी विकास परियोजनाओं में मनचाही कंपनियों को ठेका दिलाने में रिशु श्री की भूमिका रही। सहरसा नगर आयुक्त के कार्यकाल के दौरान भी उन पर रिश्वत लेकर परियोजनाओं को प्रभावित करने के आरोप लगे हैं।


एसवीयू का कहना है कि इन सभी मामलों में आपराधिक साजिश रचकर सरकारी टेंडर प्रक्रिया की गोपनीयता को प्रभावित किया गया और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया गया। एजेंसी अब इस पूरे नेटवर्क की परत-दर-परत जांच कर रही है, और जल्द ही अन्य आरोपियों से भी पूछताछ की जाएगी।