DESK: दिल को दहला देने वाली घटना तेलंगाना के मेडक जिले से सामने आई है। जहां टेकमल मंडल के एलुपेटा गांव में एक बेटे पर अपनी ही मां को जिंदा जलाकर मारने का आरोप लगा है।
बताया जाता है कि आरोपी बेटे को इस बात का शक था कि उसकी मां जादू-टोना करती है और गांव में हो रही मौतों के लिए वह जिम्मेदार है। इस घटना में 48 वर्षीय कर्रे सायव्वा की मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी बेटे दुर्गेश को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
गांव में हुई मौतों को लेकर मां पर करता था शक
बताया जाता है कि ऑटो चालक दुर्गेश हैदराबाद में रह रहा था और बीच-बीच में अपने गांव जाया करता था। गांव में हाल के दिनों में हुई कुछ मौतों के बाद वह अपनी मां पर जादू-टोना करने का शक करने लगा था। इसी बात को लेकर मां-बेटे के बीच विवाद चल रहा था।
दो दिन पहले गांव में पंचायत बुलाकर दुर्गेश को समझाने की कोशिश भी की गई थी, लेकिन आरोप है कि इसके बावजूद उसका संदेह दूर नहीं हुआ।
घर बुलाकर मां पर ज्वलनशील पदार्थ डालने का आरोप
बताया जाता है कि शनिवार की शाम दुर्गेश जब गांव लौटा। उसी समय उसकी मां पड़ोसियों से बातचीत कर रही थी। आरोप है कि दुर्गेश ने उन्हें घर बुलाया, जहां दोनों के बीच फिर विवाद हुआ। इसी दौरान उसने कथित तौर पर मां पर पेट्रोल या डीजल जैसा ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी।
आग में बुरी तरह झुलसने से कर्रे सायव्वा की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
आरोपी हिरासत में, पुलिस कर रही जांच
पुलिस ने आरोपी दुर्गेश को हिरासत में ले लिया है। घटना में इस्तेमाल किए गए ज्वलनशील पदार्थ और वारदात से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि घटना के समय क्या हुआ था और हत्या के पीछे की परिस्थितियां क्या थीं।
इस घटना ने एक बार फिर अंधविश्वास और बिना प्रमाण लगाए गए आरोपों के गंभीर परिणामों को सामने ला दिया है। जादू-टोने के शक में किसी के साथ हिंसा करना अपराध है और ऐसे मामलों में तथ्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई जरूरी है। फिलहाल पुलिस घटना की सभी बिन्दुओं की जांच कर रही है।