Bihar Crime News: बिहार के सुपौल जिले के छातापुर थाना क्षेत्र में मजदूरी के मिले करीब 10 हजार रुपये लेकर दोस्तों के साथ पार्टी करने गए एक मजदूर युवक की गला घोंटकर हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार, रुपये के लेन-देन को लेकर हुए विवाद के बाद दोस्तों ने कथित तौर पर गमछे से उसका गला घोंट दिया। 



हत्या के बाद शव को घसीटकर रानीपट्टी नहर के समीप फेंक दिया गया। मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गुरुवार को त्रिवेणीगंज एसडीपीओ दिलीप कुमार ने प्रेस वार्ता कर पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि मृतक की पहचान छातापुर थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 11 निवासी सुलचन मुखिया के रूप में हुई है। पांच अक्टूबर को उसके लापता होने की सूचना पुलिस को मिली थी। 



इसके अगले दिन छह अक्टूबर को रानीपट्टी नहर के समीप उसका शव बरामद किया गया। शव मिलने की सूचना के बाद छातापुर थानाध्यक्ष के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। मामले के त्वरित उद्भेदन, आरोपियों की गिरफ्तारी और साक्ष्य संकलन के लिए एसडीपीओ दिलीप कुमार के नेतृत्व में विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया गया।



पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान एफएसएल टीम, स्वान दस्ता और तकनीकी शाखा की मदद ली गई। घटनास्थल से वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए। तकनीकी विश्लेषण और मानवीय सूचना के आधार पर पुलिस ने घटना में संलिप्त दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।



एसडीपीओ दिलीप कुमार ने बताया कि अब तक की जांच और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में सामने आया है कि सुलचन मुखिया मजदूरी के मिले करीब 10 हजार रुपये लेकर आरोपियों के साथ पार्टी करने गया था। इसी दौरान रुपये के लेन-देन को लेकर उसके और आरोपियों के बीच विवाद हो गया।



पुलिस के अनुसार, विवाद बढ़ने के बाद आरोपियों ने सुलचन मुखिया के गले में गमछा लगाकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद उसके पास मौजूद नकद रुपये और एक छोटा मोबाइल फोन भी ले लिया गया। इसके बाद शव को घसीटकर रानीपट्टी नहर के समीप ले जाकर फेंक दिया गया।



मृतक की पत्नी के लिखित आवेदन के आधार पर छातापुर थाना में चार नामजद आरोपियों समेत चार-पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले में घटना के दौरान इस्तेमाल की गई या संबंधित वस्तुओं, छीनी गई नकदी और मोबाइल फोन की बरामदगी के साथ-साथ घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिसम्मत कार्रवाई जारी है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से 24 घंटे में हत्या की गुत्थी सुलझने के बाद मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका पर भी पुलिस की जांच केंद्रित है।