Bihar Crime News: बिहार के भागलपुर जिले में सुल्तानगंज नगर परिषद के मुख्य पार्षद राजकुमार साह उर्फ गुड्डू और कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार की हत्या मामले में पुलिस ने फरार आरोपियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। सभी फरार आरोपियों पर इनाम घोषित करने के बाद अब पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए कोर्ट से वारंट भी प्राप्त कर लिया है।


पुलिस की कई टीमें बिहार और झारखंड के अलग-अलग ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं। एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने दावा किया है कि सभी फरार आरोपियों को एक से दो दिनों के भीतर गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जरूरत पड़ने पर कुर्की-जब्ती की कार्रवाई के लिए भी न्यायालय से आदेश लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एसएसपी ने संबंधित पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सख्ती के साथ कार्रवाई जारी रहेगी।


यह घटना 28 अप्रैल 2026 को सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में हुई थी, जब बदमाशों ने मुख्य पार्षद और कार्यपालक पदाधिकारी पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। इस हमले में कार्यपालक पदाधिकारी की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि मुख्य पार्षद की इलाज के दौरान पटना में मृत्यु हो गई।


घटना की रात ही पुलिस ने मुख्य आरोपी और उप मुख्य पार्षद नीलम देवी के पति रामधनी यादव को गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि बाद में वह पुलिस अभिरक्षा से भागने के दौरान हुई मुठभेड़ में मारा गया। उप मुख्य पार्षद नीलम देवी और उनके दो बेटे मनीष कुमार व अंकित कुमार अब भी फरार हैं। 


वरीय पुलिस अधीक्षक की अनुशंसा पर रेंज आईजी विवेक कुमार ने फरार आरोपियों पर इनाम घोषित किया है। पुलिस ने फरार उप मुख्य पार्षद नीलम देवी पर 25 हजार, उनके बेटे मनीष कुमार पर 50 हजार और दूसरे बेटे अंकित कुमार पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। पुलिस ने कहा है कि तीनों आरोपियों के बारे में ठोस सूचना देने वाले व्यक्ति को घोषित इनाम दिया जाएगा। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।


बता दें कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस जघन्य हत्याकांड पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि दिवंगत कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार की पत्नी को नियमानुसार सरकारी नौकरी दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने हाल ही में पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने परिवार के भरण-पोषण और अन्य जरूरतों में सरकार की ओर से सहयोग का भरोसा भी दिया था।