Bihar Crime News: बिहार के शेखपुरा जिले में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। कसार थाना क्षेत्र के कसार गांव स्थित एक तालाब से दो किशोरों के शव बरामद किए गए हैं। शव बोरी में बंद मिले, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह करीब 11 बजे कुछ ग्रामीण तालाब के पास से गुजर रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर दो संदिग्ध बोरियों पर पड़ी। पास जाने पर तेज बदबू आने लगी, जिसके बाद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
जब पुलिस ने बोरी खोलकर देखा तो उसमें दो किशोरों के शव मिले। मृतकों की पहचान कसार गांव निवासी पियुष कुमार (12 वर्ष), पिता- राजाराम राउत और अंकुश कुमार (11 वर्ष), पिता- प्रमोद पासवान के रूप में हुई है।
ग्रामीण मृत्युंजय सिंह ने बताया कि शवों की हालत देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि दोनों बच्चों की पहले गला दबाकर हत्या की गई। गर्दन पर स्पष्ट निशान दिखाई दे रहे थे। इसके बाद शवों पर तेजाब डाला गया और पहचान छिपाने के उद्देश्य से बोरी में बंद कर तालाब में फेंक दिया गया।
मृतक पियुष कुमार की मां तुनी देवी ने बताया कि उनका बेटा रविवार से लापता था। कुछ दिन पहले ही उसका मुंडन कराया गया था और शव पर वही कपड़े मिले हैं, जो उसने मुंडन कार्यक्रम में पहने थे। कमर में बंधी कौड़ी से भी उसकी पहचान हुई। उन्होंने कहा कि गांव के कुछ लोगों ने बताया था कि बच्चा राजगीर मलमास मेला घूमने गया है, लेकिन बाद में उसका शव बरामद हुआ।
घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने खोजी कुत्ता बुलाने की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया। खोजी कुत्ता पहुंचने में देरी होने पर लोगों का गुस्सा और बढ़ गया, जिसके कारण पुलिस को विरोध का सामना करना पड़ा।
फिलहाल घटनास्थल पर एसपी, डीएसपी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी कैंप कर रहे हैं। फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है। एएसपी डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि हत्या कहीं और की गई और शव यहां लाकर फेंके गए हैं। वैज्ञानिक तरीके से जांच की जा रही है और जल्द ही मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।