Bihar Crime News: बिहार के समस्तीपुर जिले में लगातार सामने आ रहे आपत्तिजनक वीडियो के मामलों को लेकर पुलिस की जांच तेज हो गई है। पुलिस की रडार पर फिलहाल 40 से अधिक इंटरनेट मीडिया अकाउंट हैं। अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मौजूद इन अकाउंट की गतिविधियों पर पुलिस लगातार नजर रख रही है। लगातार नए वीडियो सामने आने से पुलिस की परेशानी भी बढ़ी हुई है। पुलिस अब उन अकाउंट के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी कर रही है, जिनसे पहले वायरल हुए ऐसे वीडियो प्रसारित किए गए थे और जिनमें पीड़िता का चेहरा स्पष्ट दिखाई दे रहा था।



कर्पूरीग्राम के वीडियो मामले में पुलिस दो दर्जन से अधिक सोशल मीडिया अकाउंट की निगरानी कर रही है। इनमें अलग-अलग प्लेटफॉर्म के अकाउंट शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, वीडियो शूट करने वाले व्यक्ति की पहचान कर ली गई है और उसके नाबालिग होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, पुलिस अभी तक पीड़िता तक नहीं पहुंच सकी है और उससे संपर्क करने का प्रयास जारी है। पुलिस यह भी स्पष्ट नहीं कर सकी है कि पीड़िता बालिग है या नाबालिग। पुलिस के मुताबिक, प्रथमदृष्टया मामला नाबालिग से जुड़ा प्रतीत हो रहा है।



पुलिस मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। बताया गया है कि पीड़िता जिस युवक के साथ घटनास्थल पर पहुंची थी, उसकी बाइक के नंबर के आधार पर पुलिस उस युवक और पीड़िता तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। हालांकि, अभी तक पुलिस को इसमें सफलता नहीं मिली है। मामले में पहले गिरफ्तार किए गए आरोपितों के खिलाफ भी पुलिस की कार्रवाई जारी है।



मुसरीघरारी के वीडियो मामले में पुलिस ने अब तक दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इसी मामले में पुलिस ने एक और युवक रौशन, निवासी मोरवा डीह, को गिरफ्तार किया है। पुलिस के समक्ष मेडिकल जांच के लिए सदर अस्पताल पहुंचाए गए रौशन ने खुद को मामले में निर्दोष बताते हुए दावा किया कि वह सड़क से गुजर रहा था। उसके अनुसार, उसने लड़का-लड़की को कुछ लोगों से घिरा और उनके साथ दुर्व्यवहार होते देखा, जिसके बाद वह बीच-बचाव करने पहुंचा था।



रौशन ने दावा किया कि उसने लोगों से लड़का-लड़की को जाने देने की बात कही थी। वीडियो वायरल होने के संबंध में उसने आरोप लगाया कि पटीदारी विवाद के कारण साजिश के तहत पुराने वीडियो को प्रसारित किया गया। हालांकि, पुलिस उसके दावों की जांच कर रही है।



कल्याणपुर से जुड़े वीडियो मामले में पुलिस अभी तक घटनास्थल को स्पष्ट रूप से चिन्हित नहीं कर सकी है। पुलिस टीम घटनास्थल की पहचान और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच में जुटी है। अलग-अलग मामलों में पुलिस वीडियो के स्रोत, उसे रिकॉर्ड करने वालों और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वाले अकाउंट की पहचान करने की कोशिश कर रही है।