DESK: नोटों के बाद अब सिक्के भी नकली बनने लगे हैं। ताजा मामला उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से सामने आया है। जहां की पुलिस ने 70 करोड़ रुपये के नकली सिक्कों की फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के 5 सदस्यों को भी गिरफ्तार किया है।
कोतवाली नगर थाने की पुलिस, एसओजी, स्वाट और सर्विलांस की संयुक्त टीम ने तीतरों क्षेत्र में चल रहे नकली सिक्कों की फैक्ट्री का पर्दाफाश किया। एसएसपी अभिनंदन सिंह ने बताया कि 6 मशीनों के माध्यम से यह गिरोह हर दिन 10 से 12 हजार सिक्के तैयार करता था। एक सिक्का बनाने में पांच से छह रुपये खर्च आता था और इसे एजेंटों को 12 से 15 रुपये में दिया जाता था। इसके बाद शराब ठेकों, टोल प्लाजा और किराना दुकानों पर कमीशन के जरिए इन्हें खपाया जाता था।
इस गिरोह ने शराब ठेकों को नकली सिक्कों को खपाने का मेन मार्केट बना रखा था। पुलिस ने छापेमारी के दौरान मुख्य आरोपी उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह और गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी उपकार 2001 से ही नकली सिक्कों के बनाने के धंधे में सक्रिय था। वह पंजाब के मोहाली का रहने वाला है।
वहीं हिमांशु उर्फ गुल्लू, कुलदीप, संतोष चौरसिया उर्फ जनार्धन और अनुराग पाल उर्फ लंकेश को भी गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में पता चला है कि नकली सिक्का बनाने वाले इस गिरोह के तार पंजाब, बिहार, भदोही, बदायूं और पश्चिमी यूपी तक जुड़े मिले हैं। पुलिस ने इनके पास से 8 मोबाइल, 59 डाई, 7 रजिस्टर और अन्य दस्तावेज बरामद किया है, जिसके माध्यम से अब पूरे नेटवर्क को खंगालने में पुलिस जुट गई है। पांचों ने नकली सिक्का बनाकर कितने की संपत्ति अर्जित की है, इसका भी पता लगाया जा रहा है।
बताया जाता है कि इस गिरोह ने तीतरों इलाके में नकली सिक्कों को बनाने का नया ठिकाना बनाया था। जहां 6 मशीनों के माध्यम से बड़े स्तर पर सिक्कों को बनाया जा रहा था। आगे बड़े पैमाने पर सिक्कों को बनाने की तैयारी थी, लेकिन गिरोह के सदस्यों के मंसूबों पर पुलिस ने पानी फेर दिया।