Bihar News: पथ निर्माण विभाग के एक भ्रष्ट कार्यपालक अभियंता को करनी की सजा मिली है. रिटायरमेंट के बाद उक्त कार्यपालक अभियंता का पूर्ण पेंशन जब्त कर ली गई है. इस संबंध में पथ निर्माण विभाग की तरफ से अधिसूचना जारी की गई है.   

राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, छपरा के कार्यपालक अभियंता मदन प्रसाद श्रीवास्तव अपने पदस्थापन काल में राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या-102 के 13वें 27वें कि०मी० तक पथ के निर्माण कार्य से जुड़े नव निर्माण विल्डर्स मालिक मनोज कुमार से रिश्वत की मांग की थी. इसके बाद संवेदक  मनोज कुमार  ने निगरानी ब्यूरो में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी. निगरानी विभाग के धावा दल ने 04.06.2007 को कार्यपालक अभियंता मदन प्रसाद श्रीवास्तव को पटना स्थित न्यू पुनाईचक स्थित सरकारी आवास से 50,000 रू रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया।

पथ निर्माण विभाग ने आरोपी अभियंता को सस्पेंड कर दिया. इसके बाद विभागीय कार्यवाही शुरू की गई। श्रीवास्तव के विरूद्ध संचालित अनुशासनिक कार्यवाही में आय से अधिक सम्पत्ति मामले में दर्ज निगरानी थाना कांड संख्या-89/07 से संबंधित पूरक आरोप पत्र को भी शामिल किया गया. जिसमें आरोप है कि दर्ज निगरानी थाना कांड संख्या-73/07 के अनुसंधान के क्रम में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना द्वारा पाया गया कि कार्यपालक अभियंता के द्वारा आय से ज्ञात स्त्रोतों से काफी अधिक परिसम्पत्तियाँ अर्जित की गयी है। 

संचालन पदाधिकारी ने आरोपी कार्यपालक अभियंता मदन प्रसाद श्रीवास्तव के खिलाफ लगे सभी आरोप प्रमाणित पाये. इसके बाद 2015 में ही सेवानिवृत हो चुके आरोपी कार्यपालक अभियंता मदन प्रसाद श्रीवास्तव की पेंशन राशि को शत प्रतिशत जब्त करने की सिफारिश की. 

बीपीएसपी से परामर्श लेने के बाद पथ निर्माण विभाग ने राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, छपरा के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता मदन प्रसाद श्रीवास्तव की पेंशन राशि को 100 फीसदी जब्त करने का आदेश जारी किया है.