Bihar Crime News: बिहार के पूर्णिया में भवानीपुर थाना क्षेत्र के चर्चित मनिरुद्दीन उर्फ पूरन हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, मनिरुद्दीन की हत्या उसकी समधन के साथ कथित अवैध संबंध को लेकर की गई थी। हत्या के बाद साक्ष्य छिपाने के लिए शव को बीकोठी थाना क्षेत्र की सीमा से सटे देवरी गांव के बहियार में पेड़ से लटका दिया गया था।



पुलिस के मुताबिक, हत्याकांड की जांच को भटकाने की भी कोशिश की गई थी। आरोपियों ने घटना को गांव के कुछ लोगों के साथ जमीन विवाद से जोड़ने का प्रयास किया और इस संबंध में आवेदन भी दिया था। हालांकि, पुलिस जांच के दौरान आवेदन में लगाए गए आरोप और उपलब्ध साक्ष्यों के बीच कथित तौर पर मेल नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने दूसरे पहलुओं पर जांच आगे बढ़ाई।



मामले में पुलिस ने मृतक के तीन रिश्तेदारों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में मृतक की समधन, समधी मो. इलियास और उसका नाबालिग पुत्र शामिल है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं। इन्हीं जानकारियों के आधार पर आगे की जांच की जा रही है।



पूर्णिया एसएसपी डॉ. शौर्य कुमार सुमन ने बुधवार को भवानीपुर थाना में आयोजित प्रेस वार्ता में हत्याकांड के खुलासे की जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।



पुलिस जांच के अनुसार, मनिरुद्दीन और उसकी समधन के बीच कथित संबंध को लेकर दोनों परिवारों के बीच विवाद चल रहा था। पुलिस का दावा है कि इसी विवाद के चलते आरोपियों ने पहले घर में मनिरुद्दीन की हत्या की और फिर साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को दूसरे थाना क्षेत्र की सीमा से सटे देवरी गांव के बहियार में ले जाकर पेड़ से लटका दिया।



शव बरामद होने के बाद घटना को अलग दिशा देने का प्रयास किया गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने जांच को जमीन विवाद की ओर मोड़ने की कोशिश की, लेकिन उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने जांच की दिशा बदली और मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए आरोपियों तक पहुंची। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और हत्याकांड में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।