Bihar Crime News: पूर्णिया जिले के के. नगर प्रखंड अंतर्गत गोकुलपुर पंचायत से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां के वर्तमान मुखिया नीरज मेहता पर एक स्थानीय किसान परिवार की जमीन जबरन लिखाने, विरोध करने पर जानलेवा हमला करने और 50 लाख की भारी-भरकम रंगदारी मांगने का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना के बाद से गोकुलपुर और के.नगर की जनता में हड़कंप मचा हुआ है। 



पीड़ित गुजन कुमार ने बताया कि मुखिया नीरज मेहता काफी समय से उनकी बहन के नाम दर्ज की जमीन पर गिद्ध दृष्टि जमाए हुए थे। जमीन देने से मना करने पर, मुखिया ने अपने गुर्गों के साथ मिलकर गुजन कुमार पर जानलेवा हमला बोल दिया। लोहे की रॉड से उनके सिर पर वार कर उन्हें लहूलुहान कर दिया गया। 



गुजन ने आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान मुखिया ने कहा, "या तो चुपचाप जमीन मेरे नाम लिख दो, नहीं तो ₹50 लाख की रंगदारी दो, वरना जान से हाथ धो बैठोगे।" पुलिस की 'मूकदर्शक' भूमिका पर उठे सवाल पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना के तुरंत बाद के.नगर थाने में लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई गई थी। 



आरोप है कि घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी स्थानीय पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है और अब तक मुख्य आरोपी मुखिया पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं की गई है। पुलिस की इस सुस्ती के कारण आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और पीड़ित परिवार लगातार खौफ के साए में जीने को मजबूर है।



स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, मुखिया नीरज मेहता पर पहले भी जमीन कब्जाने, भोले-भाले किसानों को डराने-धमकाने और रंगदारी मांगने के कई मामले दर्ज हो चुके हैं। पूर्व के कई कांडों में भी इनका नाम आ चुका है। क्षेत्र की जनता का कहना है कि गोकुलपुर और आसपास के इलाकों में किसानों की जमीनों को जबरन औने-पौने दामों में लिखवाना या कब्जा करना इनकी कार्यशैली बन चुकी है।



SSP और DM से लगाई न्याय की गुहारस्थानीय पुलिस से निराशा हाथ लगने के बाद पीड़ित गुजन कुमार और गोकुलपुर की जनता ने पूर्णिया के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) और जिलाधिकारी (DM) से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। पीड़ितों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। आरोपी मुखिया नीरज मेहता और उनके सहयोगियों पर तुरंत FIR दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए।पीड़ित परिवार और किसानों को जान-माल की सुरक्षा मुहैया कराई जाए।