PURNEA: बिहार के पूर्णिया सेंट्रल जेल के डिटेंशन सेंटर से एक बांग्लादेशी नागरिक के फरार होने से जेल प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। बताया जाता है कि जेल में बंद बांग्लादेशी नागरिक खिड़की तोड़कर फरार हो गया। मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
बिहार के पूर्णिया सेंट्रल जेल के डिटेंशन सेंटर से एक बांग्लादेशी नागरिक के फरार होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। जेल अधीक्षक के निर्देश पर केहाट थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है, जबकि पुलिस फरार विदेशी नागरिक की तलाश में जुट गई है। इस घटना ने हाई सिक्योरिटी मानी जाने वाली पूर्णिया सेंट्रल जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फरार बांग्लादेशी बंदी की पहचान मो. मन्ना के रूप में हुई है। केहाट थानाध्यक्ष उदय कुमार ने बताया कि डिटेंशन सेंटर से विदेशी नागरिक के फरार होने के मामले में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस विभिन्न संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
जेल अधीक्षक मनोज कुमार के अनुसार, मो. मन्ना डिटेंशन सेंटर की खिड़की तोड़कर फरार हुआ है। प्रारंभिक जांच में ड्यूटी पर तैनात तीन गृहरक्षकों की लापरवाही सामने आई है। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की गई है। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि फरारी में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी या सुरक्षा व्यवस्था में और कोई बड़ी चूक हुई है।
27 मार्च को लाया गया था पूर्णिया जेल
जानकारी के मुताबिक, मो. मन्ना को 27 मार्च को सुपौल जिले के वीरपुर उपकारा से पूर्णिया सेंट्रल जेल के डिटेंशन सेंटर में स्थानांतरित किया गया था। वह अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने के मामले में अपनी सजा पूरी कर चुका था। ऐसे विदेशी नागरिकों को उनके देश वापस भेजने की प्रक्रिया पूरी होने तक डिटेंशन सेंटर में रखा जाता है।
2023 में एसएसबी ने किया था गिरफ्तार
बताया गया कि दिसंबर 2023 में एसएसबी की 45वीं बटालियन ने सुपौल जिले के भीमनगर बीओपी क्षेत्र में भारत-नेपाल सीमा के बॉर्डर पिलर संख्या 206/05 के पास मो. मन्ना को गिरफ्तार किया था। जांच में खुलासा हुआ था कि वह बांग्लादेश से अवैध रूप से सिलिगुड़ी के रास्ते भारत पहुंचा था और बस से सुपौल आया था। इसके बाद वह भीमनगर के रास्ते नेपाल जाने की कोशिश कर रहा था। गिरफ्तारी के समय उसके पास से बांग्लादेश की ट्रेन का टिकट भी बरामद हुआ था। जांच में उसकी पहचान बांग्लादेश के नारायणगंज जिले के रूपगंज थाना क्षेत्र के निवासी के रूप में हुई थी।
हाई सिक्योरिटी जेल से फरारी ने बढ़ाई चिंता
पूर्णिया सेंट्रल जेल को बिहार की हाई सिक्योरिटी जेलों में गिना जाता है। यहां कड़ी सुरक्षा, ऊंची चारदीवारी और बहुस्तरीय निगरानी व्यवस्था के बीच बंदियों को रखा जाता है। इसके बावजूद एक विदेशी बंदी का डिटेंशन सेंटर से फरार हो जाना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
सूत्रों के अनुसार, नियमित बंदी गणना के दौरान एक बंदी कम मिलने पर फरारी का खुलासा हुआ। वर्तमान में पूर्णिया सेंट्रल जेल में करीब 1,900 बंदी हैं, जिनमें कई कुख्यात अपराधी और आतंकी भी शामिल हैं। ऐसे में इस घटना को सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक माना जा रहा है। फिलहाल पुलिस और जेल प्रशासन संयुक्त रूप से फरार बांग्लादेशी नागरिक की तलाश में जुटे हैं। साथ ही पूरे घटनाक्रम और सुरक्षा में हुई चूक की गहन जांच की जा रही है।