Crime News: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में पुलिस ने गोवंशीय पशुओं की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार ले जाए जा रहे छह गोवंशों को मुक्त कराया। इस दौरान पुलिस और तस्करों के बीच हुई मुठभेड़ में 50-50 हजार रुपये के दो इनामी तस्कर घायल हो गए, जबकि एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।


पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने बताया कि बुधवार देर रात सूचना मिली थी कि एक पिकअप वाहन से गोवंशीय पशुओं को मधुपुर-नौगढ़-चकरघट्टा मार्ग के रास्ते बिहार ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर राबर्ट्सगंज, रायपुर, पन्नूगंज थाना पुलिस और एसओजी टीम को सक्रिय किया गया।


पुलिस टीम ने रायपुर थाना क्षेत्र के साड़सोत गांव के पास बैरियर लगाकर घेराबंदी की। जैसे ही संदिग्ध पिकअप वाहन को रोकने का प्रयास किया गया, उसमें सवार तस्करों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी और भागने की कोशिश की।


पुलिस की जवाबी कार्रवाई में बिहार के कैमूर (भभुआ) जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के झरिया गांव निवासी विकास यादव और चैनपुर निवासी मेराज कुरैशी के पैर में गोली लगी। दोनों घायल होकर मौके पर ही गिर पड़े, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही तस्करी में शामिल चंदौली जिले के चकरघट्टा थाना क्षेत्र के हथिनी गांव निवासी विजय प्रताप यादव उर्फ वकील यादव को भी मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।


पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो अवैध तमंचे, कारतूस तथा पिकअप वाहन में लदे छह गोवंशीय पशु बरामद किए हैं। घायल दोनों आरोपियों को उपचार के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज, लोढ़ी में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत सामान्य बताई जा रही है।


पुलिस के अनुसार, विकास यादव पर सोनभद्र और चंदौली जिलों में सात आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जबकि मेराज कुरैशी के खिलाफ मिर्जापुर में दो मामले दर्ज हैं। दोनों आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया है कि वे गोवंशीय पशुओं की तस्करी कर उन्हें बिहार में बेचते थे।


पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि गो-तस्करी के खिलाफ जिले में अभियान लगातार जारी रहेगा और इस अवैध कारोबार में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।