Bihar Vigilance Action: पटना में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने रिश्वतखोरी के मामले में ट्रैफिक थाने में तैनात दारोगा उपेंद्र शाह को गिरफ्तार किया है। निगरानी की टीम ने उन्हें जेपी गंगा पथ के पास उस समय रंगे हाथ पकड़ा, जब वह एक मामले में मदद करने के एवज में पीड़ित से 10 हजार रुपये रिश्वत ले रहे थे।
शिकायत के सत्यापन के बाद बिछाया जाल
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के डीएसपी श्रीराम चौधरी के अनुसार, कैमूर निवासी जमील अंसारी ने दारोगा उपेंद्र शाह के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत की थी। जमील अंसारी पुरानी गाड़ियों की खरीद-बिक्री का काम करते हैं।
बताया गया कि पटना जंक्शन के पास चंदन नाम के ड्राइवर के साथ वाहन की खरीद-बिक्री को लेकर बातचीत चल रही थी। वाहन के ट्रायल के दौरान वह किसी तीसरे व्यक्ति की गाड़ी से टकरा गया। इसके बाद तीनों पक्षों के बीच आपसी समझौता हो गया।
आरोप है कि इसी दौरान दारोगा उपेंद्र शाह मौके पर पहुंचे और वाहन को जब्त कर थाने ले आए। वाहन छोड़ने के बदले उन्होंने जमील अंसारी से 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। इसके बाद जमील अंसारी ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से शिकायत की।
शिकायत का सत्यापन कराया गया, जिसमें रिश्वत मांगने की बात सामने आई। इसके बाद निगरानी की टीम ने मंगलवार को जाल बिछाया और जेपी गंगा पथ के पास उपेंद्र शाह को 10 हजार रुपये लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
पहले भी विवादों में रहे हैं दारोगा
दारोगा उपेंद्र शाह के बारे में बताया जा रहा है कि वह पहले भी विवादों में रह चुके हैं। कुछ समय पहले एक लड़की की स्कूटी रोकने के दौरान उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो सामने आने के बाद मामला काफी चर्चा में रहा था।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने दारोगा की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। निगरानी की टीम अब मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।