Bihar Crime News: पटना में NEET की तैयारी कर रही जहानाबाद की छात्रा की संदिग्ध मौत में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। इस केस में जेल में बंद शंभू गर्ल्स हॉस्टल के मालिक मनीष रंजन को पटना POCSO कोर्ट से जमानत मिल गई है।


कोर्ट ने यह जमानत 90 दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल न होने के आधार पर दी है। मनीष रंजन पर आरोप था कि वह हॉस्टल का मालिक होने के नाते मामले में लापरवाही बरतने के साथ-साथ साक्ष्य मिटाने और घटना में भूमिका निभाने में शामिल था। 


मनीष रंजन को पटना पुलिस ने 14 जनवरी 2026 को गिरफ्तार किया था और तब से वे जेल में बंद थे। इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है और पूरी कार्रवाई कोर्ट की निगरानी में चल रही है। छात्रा नाबालिग थी और उसकी मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी, जिसके बाद मामले में पॉक्सो एक्ट सहित हत्या और आत्महत्या के लिए उकसाने जैसी गंभीर धाराएं लगाई गईं।


जमानत को लेकर पहले भी कई बार सुनवाई हुई थी, लेकिन फरवरी और मार्च 2026 में पटना की विशेष POCSO कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी थी। हालांकि, अब कानूनी समय सीमा के भीतर चार्जशीट दाखिल न होने के कारण आरोपी को राहत मिल गई है। घटना 6 जनवरी 2026 को हुई थी, जब छात्रा बीमार होकर बेहोश हो गई थी। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन 11 जनवरी 2026 को उसकी मौत हो गई थी।