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04-Mar-2026 10:18 AM
By FIRST BIHAR
Patna NEET student case: पटना में NEET छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में जांच और तेज कर दी गई है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने अब इस केस में पॉक्सो अधिनियम की धारा 4 और 6 के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 64 एवं अन्य संबंधित धाराएं जोड़ दी हैं। यह कार्रवाई दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम, 1946 के तहत की गई है, जिसके बाद दिल्ली पुलिस के अधिकारी पूरे बिहार और मामले से जुड़े अन्य स्थानों पर अपनी शक्तियों का उपयोग कर सकेंगे।
जमानत याचिका पर सुनवाई
शंभू गर्ल्स हॉस्टल के मालिक मनीष रंजन की जमानत याचिका पर 2 मार्च को सुनवाई हुई, जो करीब डेढ़ घंटे तक चली। अदालत ने तत्काल कोई फैसला नहीं सुनाया और अगली सुनवाई की तारीख 11 मार्च तय की है। पीड़ित परिवार के वकील ने जांच में लापरवाही के आरोप दोहराते हुए कहा कि शुरुआत से ही जांच सही दिशा में नहीं हुई। वहीं CBI ने अदालत में लिखित रूप से कहा कि फिलहाल मनीष रंजन की हिरासत की आवश्यकता नहीं है।
कोर्ट के कड़े सवाल
इससे पहले 28 फरवरी की सुनवाई में अदालत ने CBI से पूछा था कि आरोपी के खिलाफ ठोस सबूत क्या हैं और पॉक्सो अधिनियम क्यों नहीं लगाया गया। शुरुआत में CBI ने मामला भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या के प्रयास) के तहत दर्ज किया था। अदालत ने यह भी सवाल उठाया कि जब हत्या के प्रयास की धारा लगी है, तो हिरासत की जरूरत क्यों नहीं बताई जा रही।
जांच का दायरा बढ़ा
अब पॉक्सो और अन्य धाराएं जोड़ने के बाद जांच का दायरा और स्पष्ट हो गया है। दिल्ली पुलिस को बिहार में भी जांच संबंधी सभी अधिकार दिए गए हैं, जिससे कार्रवाई तेज और व्यापक होने की संभावना है। 11 मार्च को CBI के मजिस्ट्रेट कोर्ट में अगली सुनवाई होगी, जहां जमानत और जांच की प्रगति पर अहम फैसला आ सकता है।