PATNA: बिहार में 10 साल से शराबबंदी लागू है, हालांकि महंगे दाम पर चोरी छीपे शराब बेची और खरीदी जा रही है। शराब की होम डिलीवरी की भी बातें कई बार सामने आ चुकी है। शराबबंदी के बाद लोग सुखा नशा और नशीली दवाइयों का सेवन करने लगे हैं। ऐसा कोई इलाका नहीं होगा जहां स्मैकियर और गंजेरी ना मिले। नशीली दवाइयों को इंजेक्शन के जरीये लोग शरीर में लेने लगे हैं। बच्चे और युवा कफ सिरप, व्हाइटनर, सुलेशन, बॉनफिक्स को भी नशे के रूप में ले रहे हैं। नशेड़ियों की तादाद बढ़ता देख पटना पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है।
राजधानी पटना के पूर्वी इलाके में पुलिस ने एक बार फिर नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध दवाओं के बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। छापेमारी के दौरान कुल 67,050 नशीले इंजेक्शन, 5,760 पीस कोडिन युक्त कफ सिरप और 35 पीस स्नेक वेनम एंटी सीरम बरामद किए गए हैं। जब्त सामानों की बाजार में अनुमानित कीमत सवा करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।
पूर्वी एसपी परिचय कुमार ने बताया कि चित्रगुप्त नगर थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि स्कूटी के जरिए नशीले इंजेक्शन की सप्लाई की जा रही है। सूचना के आधार पर टीम गठित कर छापेमारी की गई, जहां स्कूटी से सप्लाई कर रहे एक शख्स को गिरफ्तार किया गया। उसकी पहचान मेहंदीगंज निवासी अर्णव कुमार (32 वर्ष) के रूप में हुई है, जो पहले भी कंकड़बाग इलाके में मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल रहा है और उसके खिलाफ पहले से मामले दर्ज हैं।
पूछताछ में अर्णव ने कंकड़बाग के लोहिया पार्क के पास स्थित एक गोदाम की जानकारी दी। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर गोदाम में छापा मारकर भारी मात्रा में नशीले इंजेक्शन, एंटी वेनम और प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद किए। इस मामले में गोदाम मालिक को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
बकरी मंडी से भी सप्लायर गिरफ्तार इसी कार्रवाई के दौरान बकरी मंडी क्षेत्र में भी नशीले इंजेक्शन के अवैध कारोबार की सूचना पर छापेमारी की गई। यहां से छोटू कुमार (20 वर्ष), निवासी भूतनाथ टंकी, अगमकुआं से गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के अन्य कनेक्शन खंगालने में जुटी है और संभावना जताई जा रही है कि इस गिरोह के तार शहर के अन्य इलाकों से भी जुड़े हो सकते हैं।
पटना से सूरज की रिपोर्ट