Bihar Crime News: पटना के चर्चित बंटी यादव हत्याकांड में आत्मसमर्पण करने वाले आरोपी सोनू से पुलिस दो दिन की रिमांड पर लगातार पूछताछ कर रही है। कोतवाली थाना पुलिस पूरे घटनाक्रम में उसकी भूमिका की जांच कर रही है। हालांकि, पूछताछ के दौरान सोनू लगातार हत्या में अपनी संलिप्तता से इनकार कर रहा है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सोनू का कहना है कि वह घटनास्थल पर मौजूद था, लेकिन हत्या में उसकी कोई भूमिका नहीं थी। पुलिस उसके बयान का तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सबूतों से मिलान कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ पूरी होने के बाद ही उसकी वास्तविक भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस के मुताबिक, इस हत्याकांड की मुख्य साजिशकर्ता मोनी किन्नर के साथ सूरज और शंकर अभी भी फरार हैं। जांच एजेंसियों को मिले तकनीकी साक्ष्यों से संकेत मिले हैं कि तीनों देश छोड़कर नेपाल में छिपे हो सकते हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार नजर रखी जा रही है और पुलिस की कार्रवाई जारी है।
जानकारी के अनुसार, करीब एक सप्ताह पहले जब पुलिस छात्र आंदोलन की ड्यूटी में व्यस्त थी, उसी दौरान सोनू ने चुपचाप अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने उससे पूछताछ के लिए रिमांड की मांग की, जिसे अदालत ने मंजूरी दे दी। फिलहाल उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियों का मानना है कि सोनू से पूछताछ के दौरान फरार आरोपियों और पूरे षड्यंत्र से जुड़े कई अहम सुराग मिल सकते हैं।
बता दें कि 6 जुलाई को बंटी यादव का पटना जंक्शन के पास टाटा पार्क के समीप से अपहरण कर लिया गया था। अपहरण के पांच दिन बाद, 11 जुलाई को उसका शव पटना से करीब 60 किलोमीटर दूर अथमलगोला में बरामद हुआ। शव की हालत बेहद खराब थी। चेहरा बुरी तरह कुचला हुआ था, जिससे आंख और नाक की पहचान करना मुश्किल था। बायां हाथ सुरक्षित था, जबकि दाहिने हाथ में केवल हड्डियां बची थीं। पूरे शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे और शव सड़ना शुरू हो चुका था। बंटी के हाथ में मौजूद कड़े के आधार पर परिजनों ने उसकी पहचान की।
बंटी यादव के परिजनों का आरोप है कि जिस दिन उसका अपहरण हुआ, उसी दिन या कुछ घंटों के भीतर उसकी हत्या कर दी गई थी। उनका कहना है कि परिवार लगातार पुलिस से मदद की गुहार लगाता रहा, लेकिन पुलिस बंटी को जीवित बरामद नहीं कर सकी।