NIA Raid in Bihar: बिहार के सारण जिले के परसा नगर पंचायत में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। दिल्ली और पटना से आई एनआईए की विशेष टीम ने भारी पुलिस बल के साथ परसा नगर पंचायत की मुख्य पार्षद आयशा खातून के आवास पर अचानक धावा बोला। सादे लिबास में पहुंची इस केंद्रीय एजेंसी की टीम ने लगभग चार घंटे तक घर के अंदर गहन तलाशी लेने के दौरान घर के सभी रास्तों को सील कर दिया था। 



इस दौरान परिवार के सदस्यों से कड़ी पूछताछ की गई है। छापेमारी की कार्रवाई पूरी होने के बाद टीम ने मुख्य पार्षद के बेटे सह वार्ड पार्षद मो. करमुल्लाह अंसारी को अपने साथ पटना लेकर रवाना हो गई। हालांकि, इस हाई- प्रोफाइल कार्रवाई को लेकर स्थानीय पुलिस विभाग के अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। साथ ही सभी अधिकारी इस संबंध में अनभिज्ञता जाहिर कर रहे हैं।



स्थानीय लोगों और सूत्रों के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई अत्याधुनिक हथियारों, एके- 47 के पुर्जों की बरामदगी और विदेशी फंडिंग या संदिग्ध गतिविधियों के सिलसिले में की गई है। चर्चा यह भी है कि यह मामला मुजफ्फरपुर में पहले बरामद हुए हथियारों के नेटवर्क और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हथियारों की तस्करी से जुड़ा हो सकता है। 



इससे पहले भी 18 दिसंबर 2024 को एनआईए की एक पांच सदस्यीय टीम ने इसी आवास पर 10 से 12 घंटे तक मैराथन छापेमारी की थी, जिसमें भारी संख्या में पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) को तैनात किया गया था। उस वक्त भी घर के दरवाजे बंद कर दस्तावेजों, मोबाइल, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों की जांच की गई थी।



सूत्रों के मुताबिक, मुख्य पार्षद के पुत्र एवं वार्ड पार्षद मो. करमुल्लाह अंसारी का नाम पहले भी हथियारों की तस्करी के मामलों में आ चुका है। वह पूर्व में जेल की यात्रा भी कर चुका हैं। इसके अलावा, सारण प्रक्षेत्र के तत्कालीन डीआईजी मनु महाराज के कार्यकाल के दौरान भी इसी परिवार के यहां विदेशी नागरिकों को बुलाने, अवैध हथियार रखने और विदेशी मुद्रा के संदिग्ध लेनदेन को लेकर छापेमारी की गई थी। केंद्रीय जांच एजेंसियों की लगातार इस तरह की दबिश से परसा इलाके में सनसनी फैल गई है और राजनीतिक हलकों में भी हड़कंप मच गया है।

रिपोर्ट- पवन कुमार सिंह, छपरा