MUZAFFARPUR: नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से AK-47 राइफल और जिंदा कारतूस बरामद होने से जुड़े मामले (NIA केस नंबर RC-11/2024/NIA/DLI) में एक फरार आरोपी, भैरव त्रिपाठी (पिता: जगत नारायण त्रिपाठी, निवासी: साहेबगंज, मुजफ्फरपुर) को गिरफ्तार किया है। आरोपी भैरव त्रिपाठी ने अपने साथियों के साथ मिलकर नागालैंड से बिहार तक प्रतिबंधित बोर वाले आधुनिक हथियारों और राइफलों की तस्करी की साजिश रची थी। इसका मकसद सार्वजनिक शांति और सुरक्षा में खलल डालना और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालना था।
केस नंबर RC-11/2024/NIA/DLI (तारीख 5 अगस्त 2024) फकुली पुलिस स्टेशन, मुजफ्फरपुर के केस नंबर 19/2024 (तारीख 7 मई 2024) से जुड़ा है। यह मामला फकुली पुलिस द्वारा मुजफ्फरपुर के फकुली थाना क्षेत्र में स्थित मुर्घटिया पुल से लेंस लगी एक AK-47 राइफल और जिंदा कारतूस बरामद करने और 4 आरोपियों की गिरफ्तारी से संबंधित है।
जांच पूरी होने के बाद, NIA ने 8 मई 2025 को IPC की धारा 120B और UA (P) एक्ट की धाराओं 13 और 18 के तहत 4 आरोपियों - विकास कुमार, सत्यम कुमार, देवमणि राय और अहमद अंसारी - के खिलाफ अपनी पहली सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की। दूसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट 20 फरवरी 2026 को एक आरोपी - मंजूर खान - के खिलाफ IPC की धारा 120B, आर्म्स एक्ट की धाराओं 25(1AA), 26 और 35, और UA (P) एक्ट की धाराओं 13 और 18 के तहत दाखिल की गई। तीसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट 15 अप्रैल 2026 को एक आरोपी - कुंदन कुमार उर्फ कुंदन भगत - के खिलाफ IPC की धारा 120B, आर्म्स एक्ट की धाराओं 25(1AA), 26 और 35, और UA (P) एक्ट की धाराओं 13 और 18 के तहत दाखिल की गई। मामले में आगे की जांच जारी है।
बिहार पुलिस मुख्यालय (विशेष कार्य बल) STF ने इस बात की जानकारी दी। बताया कि NIA CASE NO-RC 11/24 NIA DLI में वांछित अभियुक्त भैरव त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया गया है। दिनांक 19/20.08.2026 को बिहार एस०टी०एफ० की विशेष टीम, मुजफ्फरपुर जिला पुलिस एवं एन०आई०ए० पटना की संयुक्त कार्रवाई में NIA CASE NO-RC 11/24 NIA DLI में वांछित अभियुक्त भैरव त्रिपाठी, पिता स्व० जगत नारायण त्रिपाठी, सा० अहियापूर, थाना ब्रह्मपुरा, जिला मुजफ्फरपुर को ब्रह्मपुरा (मुजफ्फरपुर) थाना क्षेत्र में छापेमारी कर गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्त के विरूद्ध एन०आई०ए० दिल्ली एवं बिहार राज्य के विभिन्न थानों में हत्या का प्रयास, एन०डी०पी०एस० एक्ट एवं आर्म्स एक्ट सहित 08 (आठ) कांड दर्ज है।