PATNA: भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई में सफलता मिली है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में दर्ज कांड में माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी को दोषी करार दिया गया है। निगरानी स्पेशल कोर्ट पटना के न्यायाधीश जस्टिस अतुल कुमार सिंह ने नवादा के रोह अंचल के तत्कालीन अंचलाधिकारी (CO)भोला पासवान को घूस लेने के मामले में दोषी ठहराया है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7, 13 (2) सह पठित धारा 13 (1) (डी) के तहत निगरानी थाना कांड संख्या-75/2014 (विशेष वाद सं-72/2014) में भोला पासवान को दोषी ठहराया गया है। यह मामला नवादा के रोह थाना क्षेत्र के समरेठा गांव निवासी वासुदेव यादव के पुत्र राकेश कुमार से जुड़ा हुआ है। राकेश कुमार ने निगरानी कोर्ट में यह शिकायत की थी कि अभियुक्त भोला पासवान, तत्कालीन अंचलाधिकारी, रोह अंचल, जिला-नवादा द्वारा दरवाजा, खिड़की एवं छज्जा लगवाने के लिए जमीनी विवाद में 4,000 /- रूपया घूस मांगा जा रहा है। शिकायत के बाद निगरानी ने 15.10.2014 को 4,000/- रूपया घूस लेते उक्त सीओ को रंगेहाथ गिरफ्तार किया था।
इस मामले में तत्कालीन अनुसंधानकर्ता बिरेन्द्र नारायण सिंह, पुलिस निरीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना द्वारा सटीक और समय पर आरोप-पत्र दायर किया गया। अभियोजन द्वारा कुल 11 साक्षियों की गवाही कराई गई। बिहार सरकार की ओर से श्री रितेश कुमार, विशेष लोक अभियोजक निगरानी, पटना ने प्रभावी तरीके से पैरवी की और आरोपी को दोष सिद्ध कराने में सफलता हासिल की।
अभियुक्त भोला पासवान, तत्कालीन अंचलाधिकारी, रोह अंचल, जिला-नवादा को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा-7 में तीन वर्ष सश्रम कारावास एवं 5,000/- (पाँच हजार) रूपये का अर्थदण्ड लगाया गया है। धारा-13 (2) सह पठित धारा-13 (1) (डी) में चार वर्ष सश्रम कारावास एवं 5,000/- (पाँच हजार) रूपये का अर्थदण्ड लगाया गया है। अर्थदण्ड की राशि जमा नहीं करने पर एक महीने का साधारण कारावास होगा। दोनों सजा साथ-साथ चलेगी।
अब तक वर्ष 2026 में कुल 11 भ्रष्टाचार के मामले में न्यायालय द्वारा सजा सुनायी गई है। वर्तमान कांड में दोषसिद्ध की कार्रवाई श्री अतुल कुमार सिंह, माननीय न्यायाधीश, विशेष न्यायालय निगरानी, पटना द्वारा की गई है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा अभियोजन की कार्यवाही लगातार जारी है।