Bihar Crime News: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के सीढ़ी घाट स्थित बूढ़ी गंडक नदी के समीप रविवार को एक लापता युवक का शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। नदी किनारे शव को तैरता देख स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिसके बाद तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई।
मृतक की पहचान पूर्वी चंपारण जिले के राजेपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले मदन शाह के पुत्र संकेत आर्य के रूप में की गई है। जानकारी के अनुसार, संकेत आर्य ने हाल ही में 12वीं की परीक्षा पास की थी। इसके बाद वह आगे की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुजफ्फरपुर आया था। वह सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत हनुमंत नगर वार्ड-15 में एक किराए का कमरा लेकर रह रहा था और यहीं से अपनी पढ़ाई पूरी कर रहा था।
परिजनों ने बताया कि बीते गुरुवार, 24 सितंबर को संकेत अपने कुछ दोस्तों के साथ सिनेमाघर में फिल्म देखने की बात कहकर कमरे से निकला था। लेकिन फिल्म खत्म होने के संभावित समय के बाद भी वह वापस अपने कमरे पर नहीं लौटा। देर रात तक जब उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो चिंतित परिजनों और दोस्तों ने अपने स्तर से उसकी हर संभावित जगह पर खोजबीन शुरू की। रिश्तेदारों और उसके अन्य मित्रों से संपर्क किया गया, लेकिन संकेत का कहीं कोई पता नहीं चला। उसका मोबाइल फोन भी लगातार बंद आ रहा था।
अनहोनी की आशंका को देखते हुए परिजनों ने अगले दिन यानी 25 सितंबर की रात सिकंदरपुर थाने में मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज कर छात्र की तलाश के लिए तकनीकी सेल की मदद से जांच शुरू कर दी थी। इसी बीच, रविवार 27 सितंबर को श्री घाट के पास बूढ़ी गंडक नदी में एक युवक का शव उपलाता हुआ पाया गया, जिसकी शिनाख्त संकेत आर्य के रूप में हुई।
घटना की जानकारी मिलते ही सिकंदरपुर थाना पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को नदी से बाहर निकलवाया और पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (SKMCH) भेज दिया। संकेत की मौत की खबर मिलते ही उसके परिवार में कोहराम मच गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले को संदिग्ध मानकर विभिन्न पहलुओं से गहराई से जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। परिजनों द्वारा दिए जाने वाले आवेदन और कॉल डिटेल्स के आधार पर संदेह के घेरे में आए दोस्तों और संदिग्धों को चिन्हित किया जा रहा है, ताकि जल्द ही इस मामले का पटाक्षेप किया जा सके।