Bihar Crime News: बिहार में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) और बिहार एसटीएफ की संयुक्त टीम ने मुजफ्फरपुर जंक्शन के पास से तीन किलो चरस के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। डीआरआई सूत्रों के अनुसार, जब्त चरस की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब तीन करोड़ रुपये आंकी गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चरस की खेप नेपाल से लाई गई थी और इसे उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद, महाराष्ट्र समेत अन्य राज्यों में सप्लाई किया जाना था।
डीआरआई की मुजफ्फरपुर क्षेत्रीय इकाई और बिहार एसटीएफ की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई रविवार की अहले सुबह की गई। जांच एजेंसियों को नेपाल से भारत में चरस की तस्करी किए जाने की सूचना मिली थी। इसके आधार पर संयुक्त टीम भारत-नेपाल सीमा से ही संदिग्ध तस्करों की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि बापूधाम मोतिहारी से मुजफ्फरपुर आ रही नरकटियागंज-मुजफ्फरपुर मेमू ट्रेन में एक संदिग्ध वाहक चरस लेकर आ रहा है। इसके बाद एजेंसियों ने मुजफ्फरपुर जंक्शन पर निगरानी बढ़ा दी।
जैसे ही दोनों संदिग्ध मुजफ्फरपुर जंक्शन से बाहर निकले, स्टेशन रोड पर पहले से तैनात डीआरआई और एसटीएफ की टीम ने उन्हें घेरकर पकड़ लिया। इस कार्रवाई में मुजफ्फरपुर आरपीएफ और जीआरपी ने भी सहयोग किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पूर्वी चंपारण जिले के रामगढ़वा थाना क्षेत्र के सकरार बहुरी गांव निवासी सज्जाद आलम और पिपराकोठी थाना क्षेत्र के जीवधारा गांव निवासी मो. युनुस के रूप में हुई है।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि चरस की खेप नेपाल से लाई गई थी और इसे उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद पहुंचाया जाना था। प्रारंभिक पूछताछ के आधार पर टीम ने एक अन्य कथित आपूर्तिकर्ता को भी गिरफ्तार किया। हालांकि, कुल गिरफ्तार आरोपियों की संख्या और प्रत्येक की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि विस्तृत जांच से स्पष्ट होगी। कार्रवाई के दौरान तीन किलो चरस, दो मोबाइल फोन और 5,800 रुपये नकद जब्त किए गए हैं।
डीआरआई के अनुसार, इस गिरोह पर नेपाल से मादक पदार्थ लाकर पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में सप्लाई करने का आरोप है। जांच में यह भी सामने आया है कि एजेंसियों से बचने के लिए तस्करी की खेप को कई ट्रेनों के जरिए अलग-अलग चरणों में ले जाने और जानबूझकर देरी करने की योजना बनाई गई थी। खेप को रविवार सुबह आगे भेजा जाना था।
बताया गया है कि 10 अक्टूबर को रक्सौल में पांच किलो चरस के साथ लक्ष्मण साह और मीरा देवी को गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसियों के अनुसार, मुजफ्फरपुर जंक्शन से पकड़े गए दोनों आरोपी भी उसी कथित तस्करी सिंडिकेट से जुड़े हैं।
डीआरआई के मुताबिक, गिरफ्तार सज्जाद आलम पहले भी मादक पदार्थों की तस्करी के मामले में जेल जा चुका है। फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। जांच एजेंसियां तस्करी नेटवर्क, आपूर्तिकर्ताओं और अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका का पता लगाने में जुटी हैं।