BIHAR NEWS : 'हम वो विधायक नहीं है जो सिर्फ चुनाव में नजर आते हैं ...',अनंत सिंह बोले– जनता से नहीं रहेंगे दूर, बेटे के नाम की पोस्टर पर साधी चुप्पी एक झगड़े ने उजाड़ दिया पूरा परिवार: भांजे की हत्या में मामा-मामी समेत 5 गिरफ्तार, रिश्तों पर लगा खून का दाग Bihar News : बिहार के छात्रों की लगी लॉटरी! अब हर महीने मिलेंगे 2000 रुपये; छात्रों में खुशी की लहर 'यह नशा बड़ी बुरी बला है!' बच्चों को नेपाल घुमाने गए गुरुजी, अब घर नहीं बल्कि पहुँचे हवालात; जानिए वजह Bihar Road Project : अब गांव से शहर पहुंचना होगा आसान! बिहार में इतने KM बन नई सड़कें; जारी हुआ आदेश बेगूसराय में बालू माफिया पर बड़ा प्रहार: अभियान में 3 वाहन जब्त, लाइनर सहित 3 गिरफ्तार EWS Certificate : EWS सर्टिफिकेट बनवाना हुआ आसान! बिहार सरकार ने जारी की नई गाइडलाइन; जानें किन नियमों में हुआ बदलाव Income Tax New Rules: 1 अप्रैल से बदल जाएंगे कई नियम, जानें आपकी जेब पर क्या पड़ेगा असर lockdown news India : क्या फिर लगेगा लॉकडाउन? तेल संकट से भारत में मची हलचल; सरकार का आया जवाब; जानिए क्या है सच्चाई रामनवमी पर आया बड़ा अपडेट: इस दिन दिखेगी ‘रामायण’ की दूसरी झलक, आ गई रिलीज़ डेट
01-Feb-2026 01:52 PM
By FIRST BIHAR
Bihar Cyber Crime: मुंगेर जिले में साइबर ठगी के दो बड़े मामले सामने आए हैं, जिनमें ठगों ने अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपना शिकार बनाया। एक मामले में शेयर बाजार में मुनाफे का लालच देकर करीब 27 लाख रुपये की ठगी की गई, जबकि दूसरे मामले में बिजली विभाग का अधिकारी बनकर लगभग 4 लाख रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दिया गया। ये दोनों घटनाएं इस बात की बानगी हैं कि किस तरह साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं।
डिजिटलीकरण के इस दौर में साइबर अपराधियों के तौर-तरीके भी तेजी से बदल रहे हैं। ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग और सरकारी विभागों के नाम पर ठगी अब आम होती जा रही है। ऐसा ही पहला मामला जमालपुर थाना क्षेत्र के दौलतपुर निवासी 35 वर्षीय पुष्पकमल झा के साथ हुआ।
पुष्पकमल झा ने शेयर बाजार की जानकारी लेने के लिए गूगल पर सर्च किया, इसी दौरान वे एससीएसआईएल-106 ट्रेड रिसर्च इंस्टीट्यूट नामक एक प्लेटफॉर्म के संपर्क में आए। फोन पर बातचीत के बाद अक्टूबर 2025 में उन्होंने इस प्लेटफॉर्म से जुड़कर ट्रेडिंग सीखना शुरू किया। शुरुआत में उन्होंने कम राशि निवेश की, जिसका मुनाफा भी मिला और पैसे की निकासी भी हो गई। इससे उनका भरोसा बढ़ गया।
ठगों के झांसे में आकर पुष्पकमल झा ने अलग-अलग माध्यमों से कुल 26 लाख 85 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश कर दिए। जब ऐप में उनका वॉलेट बैलेंस 1 करोड़ 60 लाख रुपये दिखाने लगा और उन्होंने पैसे निकालने की कोशिश की, तो निकासी नहीं हो सकी। इसके बाद जिस मोबाइल नंबर से संपर्क हो रहा था, उसे भी ब्लॉक कर दिया गया। तब उन्हें एहसास हुआ कि उनके साथ शेयर बाजार के नाम पर बड़ा साइबर फ्रॉड हुआ है।
दूसरे मामले में जमालपुर निवासी रंजन को साइबर ठगों ने खुद को बिजली विभाग का अधिकारी बताकर कॉल किया। मीटर अपडेट कराने के नाम पर उनसे एक ऐप डाउनलोड करवाया गया, जिसके बाद उनके बैंक खाते से 3 लाख 35 हजार रुपये निकाल लिए गए। दोनों पीड़ितों ने साइबर थाना मुंगेर में आवेदन देकर राशि की वापसी और ठगों पर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
इस संबंध में साइबर थानाध्यक्ष सह डीएसपी ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, अपना ओटीपी, यूपीआई पिन या कोई भी निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। किसी भी साइबर फ्रॉड की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें। ऑनलाइन निवेश से पहले पूरी जांच-पड़ताल और सतर्कता बेहद जरूरी है, क्योंकि ज़रा-सी लापरवाही आपकी जीवनभर की कमाई पर भारी पड़ सकती है।