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बिहार में साइबर क्राइम के दो बड़े मामले: शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 27 लाख की ठगी, तो बिजली विभाग का अधिकारी बनकर 4 लाख वसूले

Bihar Cyber Crime: मुंगेर जिले में साइबर ठगी के दो मामलों में शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 27 लाख की ठगी की गई वहीं साइबर अपराधियों ने बिजली विभाग का अधिकारी बनकर शख्स से 4 लाख रुपये ठग लिये.

01-Feb-2026 01:52 PM

By FIRST BIHAR

Bihar Cyber Crime: मुंगेर जिले में साइबर ठगी के दो बड़े मामले सामने आए हैं, जिनमें ठगों ने अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपना शिकार बनाया। एक मामले में शेयर बाजार में मुनाफे का लालच देकर करीब 27 लाख रुपये की ठगी की गई, जबकि दूसरे मामले में बिजली विभाग का अधिकारी बनकर लगभग 4 लाख रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दिया गया। ये दोनों घटनाएं इस बात की बानगी हैं कि किस तरह साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं।


डिजिटलीकरण के इस दौर में साइबर अपराधियों के तौर-तरीके भी तेजी से बदल रहे हैं। ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग और सरकारी विभागों के नाम पर ठगी अब आम होती जा रही है। ऐसा ही पहला मामला जमालपुर थाना क्षेत्र के दौलतपुर निवासी 35 वर्षीय पुष्पकमल झा के साथ हुआ।


पुष्पकमल झा ने शेयर बाजार की जानकारी लेने के लिए गूगल पर सर्च किया, इसी दौरान वे एससीएसआईएल-106 ट्रेड रिसर्च इंस्टीट्यूट नामक एक प्लेटफॉर्म के संपर्क में आए। फोन पर बातचीत के बाद अक्टूबर 2025 में उन्होंने इस प्लेटफॉर्म से जुड़कर ट्रेडिंग सीखना शुरू किया। शुरुआत में उन्होंने कम राशि निवेश की, जिसका मुनाफा भी मिला और पैसे की निकासी भी हो गई। इससे उनका भरोसा बढ़ गया।


ठगों के झांसे में आकर पुष्पकमल झा ने अलग-अलग माध्यमों से कुल 26 लाख 85 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश कर दिए। जब ऐप में उनका वॉलेट बैलेंस 1 करोड़ 60 लाख रुपये दिखाने लगा और उन्होंने पैसे निकालने की कोशिश की, तो निकासी नहीं हो सकी। इसके बाद जिस मोबाइल नंबर से संपर्क हो रहा था, उसे भी ब्लॉक कर दिया गया। तब उन्हें एहसास हुआ कि उनके साथ शेयर बाजार के नाम पर बड़ा साइबर फ्रॉड हुआ है।


दूसरे मामले में जमालपुर निवासी रंजन को साइबर ठगों ने खुद को बिजली विभाग का अधिकारी बताकर कॉल किया। मीटर अपडेट कराने के नाम पर उनसे एक ऐप डाउनलोड करवाया गया, जिसके बाद उनके बैंक खाते से 3 लाख 35 हजार रुपये निकाल लिए गए। दोनों पीड़ितों ने साइबर थाना मुंगेर में आवेदन देकर राशि की वापसी और ठगों पर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।


इस संबंध में साइबर थानाध्यक्ष सह डीएसपी ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, अपना ओटीपी, यूपीआई पिन या कोई भी निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। किसी भी साइबर फ्रॉड की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें। ऑनलाइन निवेश से पहले पूरी जांच-पड़ताल और सतर्कता बेहद जरूरी है, क्योंकि ज़रा-सी लापरवाही आपकी जीवनभर की कमाई पर भारी पड़ सकती है।