MUNGER:  बिहार लोक सेवा आयोग की सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी यानी AEDO परीक्षा से पहले मुंगेर में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह पूरे बिहार में फैला हुआ था और परीक्षा में पास कराने के लिए लाखों की डील की गई थी। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क को क्रैक करने में जुटी है।


 मुंगेर में AEDO परीक्षा से पहले जिला प्रशासन को मिली गुप्त सूचना के आधार पर बड़ी कार्रवाई की गई। जिलाधिकारी के निर्देश पर पुलिस ने छापेमारी कर गिरोह के सदस्य सुजल कुमार को गिरफ्तार किया। उसके पास से 20 एडमिट कार्ड, 19 पुर्जों का रोल, स्मार्ट फोन, लैपटॉप और आईपैड बरामद किया गया। जांच में सामने आया कि यह गिरोह व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए काम करता था, जहां से प्रश्न पत्र और उत्तर शेयर किए जाते थे। 


गिरफ्तार सुजल ने पुलिस को बताया कि “मास्टर” नाम का व्यक्ति इस पूरे रैकेट का मुख्य सरगना है, जिसने मुंगेर सॉल्वर ग्रुप बनाया था। योजना के तहत बायोमैट्रिक ऑपरेटर और सुपरवाइजर की मदद से परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों को गलत तरीके से उत्तर उपलब्ध कराए जाने थे। इस काम के लिए पटना, भागलपुर और अन्य जिलों से लोगों को बुलाया गया था। 


पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि एक कोचिंग संचालक की भूमिका संदिग्ध है, जो फिलहाल फरार है। बताया जा रहा है कि 20 से 25 लाख रुपये में परीक्षा पास कराने की डील तय हुई थी। इस मामले में 28 लोगों को नामजद किया गया है, जबकि 22 आरोपियों को गिरफ्तार कर मेडिकल जांच के बाद जेल भेज दिया गया है। 


एसपी सैयद इमरान मसूद ने बताया कि  गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए गिरोह का उद्भेदन किया गया है। 22 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। पूरे नेटवर्क की जांच जारी है और मुख्य सरगना की तलाश की जा रही है। फिलहाल मुंगेर पुलिस इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। माना जा रहा है कि जांच में और बड़े खुलासे हो सकते हैं ।

मुंगेर से इम्तियाज खान की रिपोर्ट