मोतिहारी: पूर्वी चंपारण में एसडीएम की पोस्टिंग के नाम पर कथित तौर पर 25 लाख रुपये की मांग करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस मामले में एसटीएफ ने मुख्य आरोपी राजन जायसवाल को पटना से गिरफ्तार कर मोतिहारी साइबर थाना पुलिस के हवाले कर दिया है। पुलिस अब पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है।
SDM की पोस्टिंग कराने का दिया था झांसा
जानकारी के अनुसार, बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) अधिकारियों के हालिया तबादले के दौरान आरोपी राजन जायसवाल ने तत्कालीन भू-अर्जन पदाधिकारी अरुण कुमार से संपर्क किया। आरोप है कि उसने दावा किया कि वह उनकी मनचाही पोस्टिंग मोतिहारी सदर एसडीएम के पद पर करा सकता है। इसके एवज में उसने 25 लाख रुपये की मांग की।
पोस्टिंग के बाद शुरू हुई पैसों की मांग
12 जुलाई को अरुण कुमार की मोतिहारी सदर एसडीएम पद पर पोस्टिंग होने के बाद आरोपी ने व्हाट्सएप कॉल और चैट के माध्यम से लगातार रुपये की मांग शुरू कर दी। आरोप है कि पैसे नहीं देने पर उनकी पोस्टिंग रद्द या स्थगित कराने की धमकी भी दी जा रही थी।
19 जुलाई को साइबर थाने में दर्ज कराई शिकायत
लगातार हो रही पैसों की मांग से परेशान होकर एसडीएम अरुण कुमार ने 19 जुलाई को मोतिहारी साइबर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने इसकी जानकारी अपने वरीय अधिकारियों को भी दी। शिकायत के आधार पर साइबर थाना पुलिस ने जांच शुरू की और एसटीएफ की मदद से आरोपी की तलाश शुरू हुई।
पटना में STF ने दबोचा
जांच के दौरान एसटीएफ ने आरोपी राजन जायसवाल को पटना में गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी के समय वह वंदे भारत एक्सप्रेस से यात्रा कर रहा था। गिरफ्तारी के बाद उसे मोतिहारी साइबर थाना पुलिस को सौंप दिया गया, जहां उससे पूछताछ जारी है।
मोबाइल डेटा की हो रही जांच
पुलिस आरोपी के मोबाइल फोन और डिजिटल रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उसके मोबाइल में कई प्रभावशाली लोगों के संपर्क नंबर मिले हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा था या अकेले ही अधिकारियों को झांसा देकर ठगी का प्रयास कर रहा था।
कई सवाल भी उठ रहे हैं
इस मामले में यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि आरोपी ने पोस्टिंग से पहले ही रुपये की मांग की थी, तो तत्काल शिकायत क्यों नहीं की गई। हालांकि, शिकायत में यह उल्लेख किया गया है कि पोस्टिंग के बाद आरोपी लगातार पैसे की मांग कर रहा था और भुगतान नहीं करने पर कार्रवाई प्रभावित कराने की धमकी दे रहा था।
तबादले से जुड़ा है मामला
गौरतलब है कि 12 जुलाई को बिहार सरकार ने बीपीएससी अधिकारियों का तबादला किया था। इस आदेश के तहत अरुण कुमार को मोतिहारी सदर का एसडीएम बनाया गया, जबकि उनकी पत्नी इति चतुर्वेदी को भू-अर्जन पदाधिकारी का दायित्व सौंपा गया। फिलहाल साइबर थाना पुलिस पूरे मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि पोस्टिंग के नाम पर ठगी के इस कथित खेल में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा आरोपी की पहुंच किन-किन स्तरों तक थी। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
मोतिहारी से सोहराब आलम की रिपोर्ट