Bihar News: मोतिहारी में कृषि विभाग के अधिकारियों और खाद माफियाओं की बड़ी मिलीभगत की बात सामने आई है. खाद माफिया रात के अंधेरे में कालाबाजारी में सील गोदाम का सील तोड़कर 835 बोरा यूरिया उठा रहे थे. खुलासे के दो दिनों बाद भी अभी तक कृषि विभाग के अधिकारियों ने थाने में केस दर्ज नहीं किया है. बताया जाता है कि अंदर ही अंदर सेटिंग का खेल  जारी है. 


मोतीहारी में प्रशासन पर भारी हैं खाद माफिया। कालाबजारी में सील गोदाम का ताला तोड़कर प्रशासन को चुनौती दिया जा रहा था. ग्रामीणों की सूचना पर सदर एसडीओ के निर्देश पर कृषि विभाग व थाना पुलिस के पहुंचने पर खाद तस्कर ट्रैक्टर छोड़कर भागे । घटना बुधवार रात्रि की बतायी जा रही है। घटना के दो दिन बीतने के बाद भी प्रशासन को चुनौती देने वाले खाद माफिया पर अबतक प्राथमिकी दर्ज नही हुई है. कृषि विभाग द्वारा दो दिन बीतने के बाद प्राथमिकी दर्ज नही कराना, चर्चा का विषय बना हुआ है। चर्चा है कि एक माननीय की मिलीभगत से सेटिंग का खेल चल रहा है। 

बता दें, मार्च महीने में मोतिहारी के बंजरिया थाना क्षेत्र के चैलाहां के पकड़िया टोला के मनोकामना फर्टिलाइजर गोदाम में कालाबाजारी के लिए रखे गए 835 बोरा यूरिया जब्त की गई थी.अनुमंडल कृषि पदाधिकारी मोतिहारी के निर्देश पर प्रखंड कृषि समन्वयक सह खाद निरीक्षक अजित पांडेय द्वारा जब्त किया गया था. जब्ती सूची के बाद मनोकामना फर्टीलाइजर के मालिक चिरैया निवासी अंबिका प्रसाद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराया गया था. लाइसेंस की अवधि समाप्त होने के बाद भी कालाबजारी के लिए गोदाम में खाद रखा गया था। 

कृषि समन्वयक के आवेदन पर बंजरिया थाना द्वारा 195/26 कांड संख्या 22 मार्च 26 को दर्ज किया गया गया। खाद गोदाम को कृषि विभाग द्वारा बंजरिया थाना की उपस्थिति में जिम्मेनामा पर देते हुए सील कर दिया गया था. इधर खाद माफिया का रुतबा सातवें आसमान पर होने के कारण बुधवार रात्रि गोदाम का सील तोड़कर जब्त खाद को ट्रैक्टर पर लोड किया जा रहा था। ग्रामीणों के सूचना पर रात्रि में ही सदर एसडीओ के निर्देश पर कृषि विभाग खाद गोदाम पर पहुचा। इसके बाद खाद माफिया ट्रैक्टर छोड़कर फरार हो गए।

घटना के लगभग 70 घण्टा बाद भी कुछ नहीं हुआ है. बताया जाता है कि सेटिंग का खेल चल रहा है. सेटिंग इतनी तगड़ी है कि अब तक केस दर्ज नही हुआ है. इस मामले में अनुमंडल कृषि पदाधिकारी फोन उठाना वाजिब नहीं समझ रहे. इस सम्बंध में जाननाकी के लिए बंजरिया थाना अध्यक्ष को भी कई बार फोन किया गया । लेकिन फोन उठाना मुनासिब नही समझा।वही बंजरिया प्रखंड के बीडीओ ने बताया कि मामला कृषि विभाग से जुड़ा है। इस संबंध में अनुमंडल कृषि पदाधिकारी ही बता पाएंगे। सील उन्ही लोगो द्वारा किया गया था।