Bihar Crime News: बिहार के मधुबनी के बासोपट्टी थाना क्षेत्र के जानकीनगर और दुहबी बाजार में गुरुवार तड़के से ही सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी कार्रवाई चल रही है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI), सशस्त्र सीमा बल (SSB) और बिहार पुलिस की संयुक्त टीम कथित तस्कर हीरा महासेठ उर्फ 'चाची' के नेटवर्क से जुड़े ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चला रही है।
जानकीनगर और दुहबी बाजार को गुरुवार सुबह करीब तीन बजे से ही पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। जिला भर के विभिन्न थानों की पुलिस को तैनात किया गया है। 30 से अधिक वाहनों के साथ पूरे इलाके की घेराबंदी की गई है और लोगों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है। सुरक्षा कारणों से इलाके में मोबाइल नेटवर्क बंद किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। मौके पर मोबाइल टावर डंप करने वाला वाहन भी लगाया गया है। भारत-नेपाल सीमा पर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। सीमा के दूसरी ओर नेपाली क्षेत्र में नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल की तैनाती की गई है।
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई जानकीनगर से चरस के साथ गिरफ्तार कृष्णा ठाकुर और कथित कुख्यात तस्कर हीरा महासेठ उर्फ 'चाची' के नेटवर्क से जुड़ी जांच के तहत की जा रही है। 14-15 सितंबर की रात गिरफ्तार की गई 60 वर्षीय हीरा देवी महासेठ उर्फ 'चाची' पर जाली नोट, चरस, गांजा, ब्राउन शुगर और शराब की कथित तस्करी से जुड़े आरोप हैं। जांच एजेंसियों को उसके मोबाइल फोन से कई अहम सुराग मिलने की बात सामने आई है। इन्हीं सुरागों के आधार पर एजेंसियां कथित नेटवर्क से जुड़े लोगों और ठिकानों की जांच कर रही हैं।
जांच में कथित तौर पर सामने आया है कि परिवार के अलग-अलग सदस्यों के बीच काम बंटा हुआ था। 'चाची' के बड़े बेटे राजीव महासेठ के नेपाल के काठमांडू में करीब 50 करोड़ रुपये की संपत्ति पर बीयर बार चलाने की बात कही जा रही है, जबकि परिवार के अन्य सदस्य सीमा क्षेत्र में कारोबार संभालते थे। 'चाची' के पति भरत महासेठ को भी पहले जाली नोट के मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। बताया गया है कि 2 अगस्त को STF और SSB ने उसे जाली नोट के साथ पकड़ा था। मामले में मुजफ्फरपुर की फॉरेंसिक टीम ने जांच की थी और अंतिम जांच के लिए जाली नोट के नमूने नासिक भेजे गए थे। चरस के साथ गिरफ्तार कृष्णा ठाकुर के पूर्व नक्सली होने की जानकारी सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, कृष्णा ठाकुर और बासोपट्टी के विनोद सहनी कथित तौर पर 'चाची' के नेटवर्क के लिए काम करते थे।
इससे पहले STF ने विनोद सहनी को 419 किलो गांजा के साथ गिरफ्तार किया था। इस मामले में बासोपट्टी पुलिस की भूमिका की भी जांच हुई थी। विनोद सहनी की गिरफ्तारी के बाद तत्कालीन थानाध्यक्ष विकास कुमार को निलंबित किया गया था। इसके अलावा डायल-112 के दो चालकों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया था। कई पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई हुई और कुछ का तबादला भी किया गया। बाद में यह मामला नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) को सौंप दिया गया।
'चाची' की गिरफ्तारी के बाद जाली नोट से जुड़े मामले की जांच NIA को सौंपे जाने की जानकारी है। NIA के इंस्पेक्टर विकास कुमार को मामले का जांच अधिकारी बनाया गया है। एजेंसी कथित नेटवर्क से जुड़े स्थानीय कारोबारियों और अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार, इनमें कुछ ऐसे कारोबारी भी शामिल हैं, जिनके राजीव महासेठ के इशारे पर काम करने की बात कही जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, नेपाल के सुनसरी जिले में नेपाल पुलिस ने सब्जियों से लदे एक ट्रक से करीब 2,500 किलो गांजा बरामद किया था। आशंका जताई जा रही है कि इसे भारत लाने की योजना थी और इस मामले में भी 'चाची' के कथित नेटवर्क की भूमिका की जांच की जा रही है।
'चाची' की गिरफ्तारी के बाद एसएसपी योगेंद्र कुमार ने भी सीमा क्षेत्र में हीरा महासेठ की संपत्तियों का पता चलने और उनकी जांच किए जाने की बात कही थी। पुलिस ने इस मामले में कुछ लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें रमन चौधरी का नाम भी सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, रमन चौधरी राजीव महासेठ के कथित अवैध कारोबार को सीमा क्षेत्र में संभालता था। फिलहाल NIA, CBI, SSB और बिहार पुलिस की संयुक्त कार्रवाई जारी है। पूरे मामले में एजेंसियों की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार है।