MADHEPURA: मधेपुरा जिला के शंकरपुर थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला और रिश्तों को तार-तार करने वाला मामला सामने आया है। जिस पिता ने अपनी बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई थी, पुलिस जांच में वही अपनी बेटी का हत्यारा निकला। तथाकथित 'लोक-लज्जा' और 'ऑनर किलिंग' (Honor Killing) के इस खौफनाक मामले का खुलासा करते हुए मधेपुरा पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
घास काटने के बहाने गुमशुदगी की रची थी झूठी कहानी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गोरराहा (वार्ड नंबर-04) निवासी दिनेश कुमार (पिता देवनारायण यादव) ने शंकरपुर थाने में एक आवेदन दिया था। आवेदन में उसने बताया कि उसकी पुत्री घास काटने घर से निकली थी और संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई। पीड़ित पिता के आवेदन पर शंकरपुर पुलिस ने कांड संख्या-233/2026 (दिनांक 11.10.2026), धारा-137(2) BNS के तहत गुमशुदगी का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की।
परिजनों के बयानों में विरोधाभास और पुलिस का संदेह
मामले के शुरुआती अनुसंधान के दौरान पुलिस को परिजनों के बयानों में भारी विरोधाभास दिखाई दिया। वहीं दूसरी ओर, घटना को लेकर स्थानीय ग्रामीणों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) मधेपुरा के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया। इस टीम में:
* पु०अ०नि०-सह-थानाध्यक्ष राजीव कुमार
* पु०अ०नि० शैलेन्द्र कुमार रंजन
* डी०आई०यू० (DIU) टीम, मधेपुरा
* शंकरपुर थाना के सशस्त्र बल
को शामिल किया गया।
छोटी बहन की गवाही से खुला कत्ल का राज
गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मानवीय आसूचना और गुप्त सूचना के आधार पर गुमशुदा लड़की की मां, उसकी छोटी बहन और अन्य परिजनों से गहन पूछताछ की। कड़ाई से पूछताछ के दौरान गुमशुदा की छोटी बहन ने पुलिस के सामने चौंकाने वाला सच उगल दिया। उसने बताया कि उसके पिता (दिनेश कुमार) ने ही उसकी बड़ी बहन की हत्या की है।
प्रेम प्रसंग से नाराज पिता ने सोते में दबिया से काटा गला
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संदेहास्पद ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर आरोपी पिता दिनेश कुमार (35 वर्ष) को हिरासत में लिया। सघन पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि: * प्रेम-प्रसंग से था नाराज: उसकी पुत्री का पड़ोस के ही एक युवक के साथ प्रेम-प्रसंग चल रहा था, जिसकी चर्चा पूरे गांव में फैल चुकी थी।
* सोते समय कत्ल: लोक-लज्जा के डर से उसने 07 और 08 अक्टूबर की दरमियानी रात में घर में सो रही बेटी का दबिया (धारदार हथियार) से गला काटकर कत्ल कर दिया।
* नदी में बहाया शव: कत्ल के बाद शव को जूट/सन की बोरी में बांधा और अपनी मोटरसाइकिल पर लादकर 'ग्राम बैहरारी' के पास नदी में बहा दिया।
* साक्ष्य मिटाने की कोशिश: खून से सने बिस्तर, कपड़े और कत्ल के वक्त पहने अपने खुद के कपड़ों को उसी रात आग के हवाले कर दिया।
* मासूम को दी धमकी: घटना के वक्त उसकी छोटी बेटी ने सब देख लिया था, जिसे डरा-धमकाकर नानी के घर भेज दिया गया।
* पुलिस को भटकाने की साजिश: जब ग्रामीणों में चर्चा बढ़ी, तो पुलिस से बचने और ध्यान भटकाने के लिए थाने में गुमशुदगी की झूठी शिकायत दर्ज करा दी।
गोताखोरों की मदद से शव और हथियार की तलाश जारी
पुलिस ने वादी सह अप्राथमिकी अभियुक्त दिनेश कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। मृतका के शव और हत्या में इस्तेमाल किए गए दबिया (धारदार हथियार) की बरामदगी के लिए गोताखोरों की मदद से नदी में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना में संलिप्तता और साक्ष्य छिपाने में सहयोग करने वाले अन्य लोगों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है। मामले में अग्रिम कानूनी कार्रवाई जारी है।