UP: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मड़ियांव पुलिस ने नकली पान मसाला बनाने वाली एक फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। पुलिस के मुताबिक, यहां कथित तौर पर राजश्री, कमला पसंद, गोल्ड मोहर और विमल जैसे ब्रांड के रैपर में नकली पान मसाला पैक कर बाजार में बेचा जाता था। पुलिस ने छापेमारी के दौरान करीब 30 लाख रुपये का माल बरामद किया और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
अपर पुलिस उपायुक्त दक्षिणी नवीन कुमार के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रायबरेली के शिवगढ़ क्षेत्र के दहेली महराजगंज निवासी पिंटू गुप्ता और उसके साथी पवन साहू के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने सिकरवार चौराहे के पास स्थित एक मकान में छापेमारी कर दोनों को गिरफ्तार किया।
39.5 किलो तैयार मसाला और अन्य सामान बरामद
एसीपी अलीगंज शशि प्रकाश मिश्र ने बताया कि छापेमारी के दौरान फैक्ट्री से करीब 39.5 किलो तैयार पान मसाला, 5.5 किलो तंबाकू, 600 पैकेट कत्था-चूना पाउडर और एक बोरी जर्दा बरामद किया गया।
इसके अलावा पुलिस ने कमला पसंद के चार बोरी पैकेट, किशोर सुपर के एक बोरी पाउच, राजश्री के चार बोरी पैकेट और एक बोरी पाउच, रैपर चिपकाने वाला हीटर, पैकिंग मशीन, छोटे-बड़े रोल, 10 सूट मशीन के पार्ट्स समेत अन्य सामान बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, बरामद सामान की अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये है।
शिकायत के बाद पुलिस ने की कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, नादरगंज इंडस्ट्रियल एरिया स्थित केवीएन एमएमसीजी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के अधिकारी अंकित कुमार ने नकली उत्पाद बाजार में बिकने की शिकायत की थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस को सूचना मिली कि कंपनी के नाम और ब्रांड की नकल कर नकली पान मसाला तैयार कर बाजार में बेचा जा रहा है।
एसीपी अलीगंज शशि प्रकाश मिश्र के निर्देशन में इंस्पेक्टर मड़ियांव शिवानंद मिश्रा के नेतृत्व में टीम गठित की गई। इसके बाद सिकरवार चौराहे के पास मकान में छापेमारी कर फैक्ट्री का खुलासा किया गया।
ग्रामीण इलाकों और पड़ोसी जिलों में बेचते थे नकली माल
इंस्पेक्टर शिवानंद मिश्रा के अनुसार, फैक्ट्री संचालक यहां नकली पान मसाला तैयार कर उसे ग्रामीण क्षेत्रों और आसपास के जिलों में सप्लाई करते थे। बिक्री से मिलने वाली रकम को आरोपी आपस में बांट लेते थे।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। मामले में बरामद सामान और नकली ब्रांडेड उत्पादों के नेटवर्क की जांच की जा रही है।