KATIHAR: बिहार में 10 साल से पूर्ण शराबबंदी लागू है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिलाओं की मांग पर पूरे बिहार में शराब पर रोक लगाते हुए शराबबंदी कानून लागू किया था। उन्होंने सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ-साथ आम लोगों को भी शराब नहीं पीने की शपथ दिलायी थी। इसे लेकर मानव श्रृंखला भी निकाली गयी थी। नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बने। लेकिन आज भी बिहार में शराबबंदी कानून लागू है।


लेकिन इसकी जमीनी हकीकत कुछ और ही नजर आती है। शराबबंदी वाले राज्य में ना तो शराब पीने वाले अपनी आदतों से बाज आ रहे हैं और ना ही इसे बेचने वाले तस्कर ही सुधरने का नाम ले रहे हैं। बिहार में शराब की होम डिलीवरी की बातें भी सामने आती रही है। शराब के धंधेबाजों का मनोबल इतना बढ़ा हुआ है कि वो तस्करी के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। कभी एम्बुलेंस में शराब लाई जाती है तो कभी वाहनों में तहखाना बनाकर तो कभी फल और सब्जियों में छिपाकर शराब बिहार में लाए जाने का मामला पहले भी सामने आ चुका है। 


ऐसा लगता है कि शराब के धंधेबाजों के दिल में पुलिस का खौफ खत्म हो गया है। यही कारण है कि वो अब भी तस्करी का नया-नया तरीका आजमाते है। ताजा मामला बिहार के कटिहार जिले से आ रही है, जहां ई-रिक्शा (टोटो) में तहखाना बनाकर उसमें भारी मात्रा में विदेशी शराब की बोतलें छिपाकर लाया गया था। टोटो के गुप्त तहखाने से 52.710 लीटर विदेशी शराब बरामद किया गया है। शराब की खेप के साथ ई-रिक्शा चालक को भी गिरफ्तार किया गया है।  


कटिहार में मद्य निषेध विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला पदाधिकारी के आदेश पर मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के बीएड कॉलेज रोड में जांच के दौरान लाल रंग के टोटो से 52.710 लीटर विदेशी शराब बरामद की गई।


बताया गया कि शराब को टोटो में बनाए गए गुप्त तहखाने में छिपाकर ले जाया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान मद्य निषेध टीम ने कटिहार के सहायक थाना स्थित ललियाही निवासी संजय पासवान के बेटे विकास कुमार पासवान को गिरफ्तार किया है। फिलहाल पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।