Bihar Liquor Ban: बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद शराब की तस्करी और अवैध कारोबार पर पूरी तरह लगाम नहीं लग पा रही है। ताजा मामला कैमूर जिले के मोहनिया थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस की मौजूदगी में ही ग्रामीणों द्वारा शराब लूटने का वीडियो सामने आया है। बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश से बिहार में प्रवेश कर रही एक हरियाणा नंबर की कार में अचानक आग लग गई। इसके बाद कार सवार तस्करों ने गाड़ी को सड़क किनारे पानी से भरे गड्ढे में धकेल दिया और मौके से फरार हो गए।
प्रत्यक्षदर्शी आनंद सिंह के अनुसार, हरियाणा नंबर की एक सफेद कार सड़क से गुजर रही थी। इसी दौरान अचानक कार में आग लग गई। कार में शराब होने के कारण तस्करों को पुलिस के पकड़े जाने का डर सताने लगा। कार सवार लोगों ने आनन-फानन में शराब की एक बोतल निकाली और गाड़ी को धक्का देकर सड़क किनारे पानी से भरे गड्ढे में पलट दिया। इसके बाद सभी लोग पास के नहर वाले रास्ते से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलने पर मोहनिया थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मी स्थानीय ग्रामीणों की मदद से पानी में डूबी कार को बाहर निकालने लगे। इसी दौरान कार के अगले हिस्से से भारी मात्रा में फ्रूटी पैक शराब के पैकेट पानी में गिरकर तैरने लगे।
शराब के पैकेट देखते ही मौके पर मौजूद ग्रामीणों में उन्हें उठाने की होड़ मच गई। आरोप है कि कार निकालने में मदद कर रहे और तमाशा देख रहे कई लोग पानी में कूद पड़े। इसके बाद पुलिस के सामने ही शराब के पैकेट उठाकर अपने कपड़ों में छिपाने लगे और मौके से चले गए। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कथित तौर पर कुछ लोग शराब के पैकेट लेकर जाते दिखाई दे रहे हैं। मौके पर मौजूद पीटीसी पुलिस अधिकारी योगेंद्र कुमार ने बताया कि ग्रामीणों से सूचना मिली थी कि एक कार में आग लगने के बाद उसे पानी में धकेल दिया गया है। पुलिस जब मौके पर पहुंची और गाड़ी को बाहर निकलवाया तो उसमें से शराब बरामद हुई।
उन्होंने बताया कि पुलिस के पहुंचने से पहले ही कार सवार लोग फरार हो चुके थे। फिलहाल इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार और बची हुई शराब को जब्त कर लिया है। वाहन को मोहनिया थाने लाकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस मामले में मोहनिया थाना अध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि ग्रामीणों ने शराब उठाई थी, लेकिन उसे वापस ले लिया गया है। उनके अनुसार, कोई भी व्यक्ति शराब लेकर भागा नहीं है। हालांकि, सामने आए वीडियो को लेकर सवाल उठ रहे हैं। वीडियो में कुछ लोग शराब के पैकेट उठाकर मौके से जाते दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में पुलिस के दावे और वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
बता दें कि बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बाद भी उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे इलाकों में शराब तस्करी की घटनाएं सामने आती रही हैं। मोहनिया की इस घटना ने एक बार फिर शराबबंदी कानून के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पुलिस की मौजूदगी में ही शराब के पैकेट उठाकर लोग जाते दिखाई दे रहे हैं, तो सीमावर्ती इलाकों में शराब की तस्करी और अवैध बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण कैसे सुनिश्चित किया जाएगा? फिलहाल पुलिस मामले की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।