Bihar Crime News: बिहार के मधुबनी स्थित झंझारपुर कोर्ट ने मानवता को शर्मसार करने वाले एक डबल मर्डर मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। चार साल के बच्चे और उसकी डेढ़ साल की बहन की बेरहमी से गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। इस जघन्य अपराध में कोर्ट ने बच्चों की मां और उसके प्रेमी को फांसी की सजा सुनाई है।
यह मामला झंझारपुर कोर्ट के इतिहास में पहला ऐसा केस माना जा रहा है, जिसे “रेयर ऑफ द रेयरेस्ट” की श्रेणी में रखते हुए दोषियों को मृत्युदंड दिया गया है। तीन साल की लंबी सुनवाई के बाद यह फैसला आया, जिसे एडीजे-2 अभिषेक रंजन ने सुनाया।
कैसे हुआ पूरा मामला
मामला फुलपरास थाना क्षेत्र से जुड़ा है। लौकही थाना क्षेत्र के नरहिया गांव की रहने वाली अनीता देवी 6 जुलाई 2023 को अपने प्रेमी जयप्रकाश मंडल के साथ फरार हो गई थी। वह अपने चार साल के बेटे और डेढ़ साल की बेटी को भी साथ ले गई थी। दोनों के बीच लंबे समय से अवैध संबंध चल रहे थे। फरारी के दौरान दोनों घोघरडीहा के एक रेस्ट हाउस में रुके थे, जहां माना जाता है कि उन्होंने मिलकर दोनों बच्चों की हत्या की साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया।
बच्चों की बेरहमी से हत्या
अभियोजन के अनुसार, खापा पुल के नीचे दोनों ने मिलकर पहले बच्चों की गर्दन मरोड़कर हत्या की। इसके बाद एक-एक कर दोनों शवों को नदी में फेंक दिया गया। वारदात के दौरान कुछ लोगों ने उनकी गतिविधियों को देख लिया और शोर मचाया, जिसके बाद ग्रामीणों ने दोनों को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।
पुलिस जांच और शव बरामदगी
घटना की सूचना के बाद फुलपरास थाने में मामला दर्ज किया गया था। बच्चों के पिता की शिकायत पर केस दर्ज हुआ। 10 जुलाई 2023 को नदी से पहले एक बच्चे का शव बरामद किया गया, जबकि अगले दिन दूसरी बच्ची का शव भी मिल गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच पूरी की और अदालत में मामला पेश किया।
कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला
करीब तीन साल की सुनवाई के बाद झंझारपुर के एडीजे-2 अभिषेक रंजन की अदालत ने बच्चों की मां अनीता देवी और उसके प्रेमी जयप्रकाश मंडल को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई। फैसले के बाद अदालत परिसर में इस बहुचर्चित मामले की काफी चर्चा रही।