JAMUI: बिहार के जमुई में पुलिस ने सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के दौरान दो नाबालिग भाइयों को हिरासत में लिया है। आरोप है कि दोनों टेलीग्राम पर 'साइबर जिहाद मूवमेंट' नाम के एक संदिग्ध ग्रुप से जुड़े थे और एक विदेशी हैंडलर के संपर्क में थे। पुलिस के अनुसार, रोबलॉक्स गेम के जरिए दोनों की पहचान विदेशी व्यक्ति से हुई थी, जो उन्हें सरकारी वेबसाइट हैक करने जैसे टास्क देता था।
पुलिस को जिला सूचना इकाई के माध्यम से इस गतिविधि की जानकारी मिली थी। सूचना का सत्यापन करने के बाद शुक्रवार सुबह आदर्श थाना पुलिस ने दोनों नाबालिगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पुलिस के मुताबिक, दोनों नाबालिगों के मोबाइल फोन की जांच में टेलीग्राम ऐप और रोबलॉक्स गेम मिला है। टेलीग्राम पर 'साइबर जिहाद मूवमेंट' नाम का एक ग्रुप भी मिला, जिसमें अरबी भाषा में आपत्तिजनक सामग्री और संदिग्ध चैट होने की बात सामने आई है। पुलिस ने मोबाइल फोन में मौजूद चैट और अन्य सामग्री के स्क्रीनशॉट साक्ष्य के तौर पर सुरक्षित कर लिए हैं।
पूछताछ में नाबालिगों ने बताया कि रोबलॉक्स गेम खेलने के दौरान उनकी पहचान एक विदेशी व्यक्ति से हुई थी। आरोप है कि वह व्यक्ति गेम के जरिए उन्हें अलग-अलग टास्क देता था। इसके बाद टेलीग्राम ग्रुप में सरकारी वेबसाइटों के लिंक भेजकर उन्हें हैक करने के लिए कहा जाता था।
पुलिस का यह भी दावा है कि ग्रुप में सेना और पुलिस पर हमले से जुड़ी बातें भी की जाती थीं। हालांकि, इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
इस मामले में आदर्श थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने दोनों नाबालिगों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं और उन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजने की तैयारी की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित विदेशी हैंडलर कौन है और इस संदिग्ध ग्रुप से कितने अन्य लोग जुड़े हुए हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों आरोपी नाबालिग हैं, इसलिए उनकी पहचान सार्वजनिक नहीं की जा रही है। मामले की जांच किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के तहत की जा रही है।
वहीं, पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों की मोबाइल और इंटरनेट गतिविधियों पर नजर रखें। ऑनलाइन गेमिंग और सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से संपर्क करने के मामले में सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध ग्रुप, लिंक या गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें।