Bihar Crime News: बिहार के जमुई शहर स्थित एक निजी स्कूल के हॉस्टल में रहने वाली छात्रा ने स्कूल के डायरेक्टर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रा ने आरोप लगाया है कि डायरेक्टर ने उसे अपने केबिन में बुलाकर अश्लील हरकत की और उस पर यौन संबंध बनाने का दबाव बनाया। मामले की जानकारी मिलते ही छात्रा के परिजनों ने स्कूल पहुंचकर जमकर हंगामा किया।



हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्कूल के डायरेक्टर आशीष सिंह को हिरासत में लेकर थाने ले गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं, महिला पुलिस पदाधिकारी छात्रा से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ले रही हैं। परिजनों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।



परिजनों के अनुसार, कुछ दिन पहले डायरेक्टर ने छात्रा को अनुशासनहीनता के आरोप में अपने केबिन में बुलाया था। आरोप है कि डायरेक्टर ने छात्रा से एक लड़के से बातचीत करने को लेकर पूछताछ की और इसी दौरान उसके साथ कथित तौर पर अश्लील व्यवहार किया।



छात्रा के मुताबिक, वह इस घटना से डर गई थी और किसी तरह बहाना बनाकर डायरेक्टर के केबिन से निकलकर हॉस्टल पहुंची। परिजनों को जानकारी मिलने के बाद उन्होंने स्कूल पहुंचकर मामले को लेकर विरोध जताया।


मामले की जानकारी मिलने के बाद छात्रा के परिजन स्कूल पहुंचे और कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि हंगामे के दौरान आरोपी डायरेक्टर छिप गया और छात्रावास के गेट पर ताला लगवा दिया गया, जिससे वे अपनी बेटी से नहीं मिल पा रहे थे।



पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद छात्रावास का गेट खोला गया और परिजनों को छात्रा से मिलने दिया गया। इसके बाद छात्रा ने परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी, जिसके बाद उनका आक्रोश और बढ़ गया।परिजनों ने स्कूल में लगे CCTV कैमरों को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि स्कूल परिसर में CCTV कैमरे लगे हैं, लेकिन डायरेक्टर के केबिन को कैमरे की निगरानी से बाहर रखा गया है।



परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि डायरेक्टर पहले भी छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार कर चुका है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और सामने आए आरोपों एवं साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है।



जमुई के एसपी विश्वजीत दयाल ने बताया कि छात्रा की शिकायत के आधार पर पुलिस कार्रवाई कर रही है। मामले की जांच डीएसपी दीप्ति मोनाली की निगरानी में की जा रही है। पुलिस छात्रा के बयान, परिजनों की शिकायत और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई में जुटी है। आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।