JAMUI: बिहार के जमुई जिले से कानून व्यवस्था को शर्मसार करने वाला गंभीर मामला सामने आया है। जहां सुरक्षा में तैनात जवान ही लोगों के लिए भय का कारण बने हुए थे। सोनो थाना क्षेत्र के डुमरी एक्साइज चेकपोस्ट पर तैनात तीन होमगार्ड जवानों को अवैध वसूली के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
मिली के अनुसार, गिरिडीह जिले के शास्त्री नगर निवासी श्याम सुंदर यादव ने पुलिस को लिखित शिकायत देकर बताया कि 21 अप्रैल 2026 की रात वह अपने चार साथियों के साथ स्कॉर्पियो वाहन से जमुई के महादेव सिमरिया गांव में एक तिलक समारोह में शामिल होने जा रहे थे। जैसे ही उनकी गाड़ी डुमरी चेकपोस्ट पर पहुंची, वहां तैनात जवानों ने वाहन को रोक लिया और सभी सवारियों को नीचे उतरने के लिए मजबूर किया।
आरोप है कि जवानों ने यात्रियों को अलग ले जाकर डराना-धमकाना शुरू कर दिया और झूठे केस में फंसाने की धमकी देते हुए 20 हजार रुपये की मांग की। काफी दबाव और भय के माहौल में पीड़ितों से 9,500 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए गए। जवान सूर्यमणि कुमार ने अपने मोबाइल पर क्यूआर कोड दिखाकर यह रकम मंगवाई, जबकि शेष राशि के लिए भी दबाव बनाया जाता रहा।
मामले की शिकायत मिलते ही पुलिस और उत्पाद विभाग ने जांच शुरू की। जांच के दौरान चेकपोस्ट पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें स्पष्ट रूप से जवानों को गाड़ी रोककर लोगों को किनारे ले जाते देखा गया। साथ ही डिजिटल साक्ष्य भी जुटाए गए, जिसमें यह सामने आया कि रिश्वत की राशि सूर्यमणि कुमार ने अपने परिचित आदर्श प्रकाश की यूपीआई आईडी पर मंगवाई थी।
पुख्ता सबूत मिलने के बाद पुलिस ने तीनों आरोपित जवानों सूर्यमणि कुमार, आशिष कुमार सिंह और नवीन कुमार सिंह—को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि कानून की रक्षा के लिए तैनात कर्मियों द्वारा इस तरह की हरकत किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस घटना के बाद चेकपोस्ट पर तैनात अन्य कर्मियों के बीच दहशत का माहौल है। वहीं, स्थानीय लोगों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
जमुई से धीरज कुमार सिंह की रिपोर्ट