DESK: गुरुग्राम पुलिस और हरियाणा राज्य महिला आयोग की संयुक्त टीम ने सेक्टर-38 के गांव झाड़सा स्थित एक PG में छापेमारी कर कथित सेक्स रैकेट का खुलासा किया। मौके से पुलिस ने 13 पुरुषों और 8 महिलाओं समेत कुल 21 लोगों को गिरफ्तार किया है। छापेमारी के दौरान PG से बड़ी संख्या में कॉन्डम के पैकेट और शराब की बोतलें बरामद की गयी।


पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई 18 सितंबर को सेक्टर-90 स्थित सफायर मॉल के 18 स्पा सेंटरों पर की गई। छापेमारी के दौरान पकड़ी गई एक युवती ने आरोप लगाया था कि नाबालिग होने के दौरान उसे सेक्टर-38 स्थित एक मकान में चल रहे PG में जबरन रखा गया और देह व्यापार में धकेला गया।


पीड़िता के बयान पर PG में छापेमारी

युवती के बयान के आधार पर पुलिस ने शनिवार रात सेक्टर-38 स्थित संबंधित PG पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान आईटीपीए के नोडल अधिकारी और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अभिलक्ष जोशी और हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष उषा प्रियदर्शिनी भी मौजूद थीं। पुलिस ने बताया कि PG में कथित अनैतिक गतिविधियों के संबंध में सदर थाने में इमोरल ट्रैफिक (प्रिवेंशन) एक्ट (ITPA) और विदेशी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।


कथित नेटवर्क का सरगना और पत्नी गिरफ्तार

पुलिस ने कथित नेटवर्क के सरगना साहिल को गांव झाड़सा से गिरफ्तार किया है। उसकी पत्नी को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। शुरुआती जांच में पुलिस को पता चला है कि साहिल कथित गतिविधियों के लिए एक वेबसाइट संचालित करता था और वॉट्सऐप चैट समेत अन्य संचार माध्यमों का इस्तेमाल करता था। पुलिस के अनुसार, यह नेटवर्क कथित तौर पर PG/गेस्ट हाउस, गाड़ियों और करीब 10-12 सहयोगियों की मदद से संचालित किया जा रहा था। पुलिस अब साहिल के अन्य सहयोगियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।


सफायर मॉल के 18 स्पा सेंटरों पर भी कार्रवाई

इससे पहले गुरुग्राम पुलिस और हरियाणा राज्य महिला आयोग की संयुक्त टीम ने सेक्टर-90 स्थित सफायर मॉल के 18 स्पा सेंटरों पर छापेमारी की थी। पुलिस के मुताबिक, इस कार्रवाई में 30 महिलाओं समेत करीब 50 लोगों को हिरासत में लिया गया था।


अधिकारियों के अनुसार, 18 में से 8 स्पा सेंटरों में संदिग्ध गैर-कानूनी गतिविधियों के शुरुआती साक्ष्य मिले थे। पुलिस अब जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल, भौतिक और दस्तावेजी साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच का उद्देश्य कथित नेटवर्क से जुड़े मालिकों, संचालकों, प्रबंधकों और अन्य सहयोगियों की भूमिका का पता लगाना है।