UP: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में शादी का झांसा देकर युवती के साथ कथित तौर पर शारीरिक संबंध बनाने, गर्भपात कराने और बाद में दहेज की मांग करने का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी युवक समेत उसके परिवार के 4 सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


मामला शाहपुर थाना क्षेत्र के एक मोहल्ले का है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि भटहट क्षेत्र के पिपरी जमुनइवा गांव निवासी विक्रम चौहान से उसकी पहचान पारिवारिक रिश्तेदारी के कारण हुई थी। इसी दौरान दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और युवक ने उससे शादी करने का वादा किया। युवती के अनुसार, आरोपी ने पहले उसे विश्वास में लिया और शादी के बाद अपने घर ले जाने का भरोसा दिया। जब उसने शारीरिक संबंध बनाने का प्रयास किया तो युवती ने इसका विरोध किया। इसके बाद 15 सितंबर 2024 को आरोपी उसे बुढ़िया माता मंदिर ले गया, जहां उसने उसकी मांग में सिंदूर भरकर शादी का स्वांग रचा और खुद को उसका पति बताने लगा।


पीड़िता का आरोप है कि इसके बाद आरोपी लगातार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाता रहा। जब भी वह उसे अपने घर ले जाने और पत्नी का दर्जा देने की बात करती, आरोपी टालमटोल करने लगता था। इस दौरान उसने कई बार जबरन शारीरिक संबंध बनाए और उसके अश्लील वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिए। युवती का कहना है कि उसके लगातार दबाव बनाने पर आरोपी ने कोर्ट मैरिज भी कर ली, लेकिन इसके बावजूद उसे अपने घर नहीं ले गया। इसी बीच वह गर्भवती हो गई। आरोप है कि आरोपी ने दवा खिलाकर उसका गर्भपात करा दिया।


पीड़िता ने आरोप लगाया कि बाद में आरोपी के माता-पिता ने उसे यह कहकर अपनाने से इनकार कर दिया कि वह दूसरी जाति की है। परिवार ने कथित तौर पर 10 लाख रुपये दहेज की मांग की और कहा कि दहेज मिलने के बाद ही उसे बहू के रूप में स्वीकार किया जाएगा। जब युवती ने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला दिया, तो उसे जातिसूचक शब्द कहे गए और जान से मारने की धमकी दी गई।


युवती ने बताया कि उसने पहले स्थानीय पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से न्याय की गुहार लगाई। एसएसपी के निर्देश पर शाहपुर पुलिस ने आरोपी विक्रम चौहान, उसके पिता अनिरुद्ध चौहान, माता धनेशरा देवी और भाई राजन के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।