Bihar News: करप्शन केस में एसपी के हत्थे चढ़े परिवहन विभाग के प्रवर्तन अवर निरीक्षक (दारोगा) को जेल से निकलने के बाद निलंबन मुक्त किया गया, फिर से उसी जिले में पोस्टिंग कर दी गई। घूस में पैसे लेने के आरोपी प्रवर्तन अवर निरीक्षक को गोपालगंज एसपी ने 31 मार्च को जेल भेजा था. आरोपी 14 मई को हवालात से बाहर निकले, 15 को ज्वाइन किया. इसके बाद परिवहन विभाग ने 25 मई को आरोपी प्रवर्तन अवर निरीक्षक हेमंत कुमार का निलंबन तोड़कर फिर से गोपालगंज जिले में ही पोस्टिंग कर दिया. इसके बाद सवाल उठने लगे हैं कि जिस जिले में रिश्वत लेने के आरोप में जेल भेजे गए, परिवहन विभाग ने आरोपी के जेल से निकलने के बाद निलंबन मुक्त किया, इसके बाद उसी जिले में दुबारा पदस्थापित कर दिया गया.

परिवहन विभाग ने दुबारा गोपालंगज में ही किया पदस्थापित 

परिवहन विभाग ने 25 मई 2026 को जो आदेश जारी किया है, उसमें कहा गया है कि, जिला पदाधिकारी, गोपालगंज ने 4 अप्रैल 2026 को सूचित किया. जिसमें कहा गया कि हेमन्त कुमार प्रसाद, प्रवर्तन अवर निरीक्षक के खिलाफ गोपालगंज के कुचायकोट थाने में 31 मार्च 2026 को प्राथमिकी सं0-159/26 दर्ज की गई. जिसमें धारा-308 (5)/352/61 (2) एवं 7/8/12/13 Prevention of Corruption Act  लगाया गया है. इस मामले में हेमंत कुमार प्रसाद को गिरफ्तार किया गया.

जेल से निकलने के बाद 15 मई गोपालगंज डीटीओ के समक्ष किया योगदान 

जिला पदाधिकारी, गोपालगंज के प्रतिवेदन के आधार पर 10 अप्रैल 2026 को जेल भेजे गए हेमन्त कुमार प्रसाद, प्रवर्तन अवर निरीक्षक, जिला परिवहन कार्यालय, गोपालगंज को गिरफ्तारी की तिथि से निलंबित किया गया. विभाग ने आगे कहा है कि हेमंत प्रसाद 14 मई 2026 को जमानत पर रिहा हुए। इसके बाद 15 मई को जिला परिवहन कार्यालय, गोपालगंज में योगदान समर्पित किया.

तत्काल प्रभाव से गोपालगंज डीटीओ में पदस्थापित

इस आलोक में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-9(3) (1) के तहत हेमन्त कुमार प्रसाद का योगदान 15 मई 2026 से स्वीकृत करते हुए योगदान की तिथि से निलंबन मुक्त किया जाता है . साथ ही तत्काल प्रभाव से जिला परिवहन कार्यालय, गोपालगंज में पदस्थापित किया जाता है।