GOPALGANJ:गोपालगंज में शराब तस्करी का एक अनोखा तरीका सामने आया है। तस्करों ने स्कॉर्पियो के अंदर ही शराब छिपाने के लिए गुप्त तहखाना बना रखा था। गाड़ी के इंजन, बॉडी, चेचिस और दूसरे हिस्सों में सेटिंग कर भारी मात्रा में शराब छिपाई गई थी। 


उत्पाद विभाग ने कार्रवाई करते हुए स्कॉर्पियो को जब्त कर लिया है और दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई उत्पाद अधीक्षक अमृतेश कुमार झा के निर्देश पर की गई। मामला फुलवरिया थाना क्षेत्र के बथुआ गांव के समीप का है, जहां उत्पाद विभाग की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि यूपी से गोपालगंज के रास्ते शराब की बड़ी खेप लाई जा रही है।


सूचना के बाद उत्पाद विभाग ने टीम गठित कर इलाके में सघन वाहन जांच अभियान शुरू किया। इसी दौरान बथुआ के पास एक संदिग्ध स्कॉर्पियो को रोककर तलाशी ली गई। पहली नजर में स्कॉर्पियो लगभग खाली दिखाई दे रही थी, लेकिन गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने जब गहनता से जांच शुरू की तो तस्करी का पूरा खेल सामने आ गया।


स्कॉर्पियो के अलग-अलग हिस्सों में बेहद शातिराना तरीके से गुप्त तहखाने बनाए गए थे। इंजन, बॉडी, चेचिस और वाहन के कई पार्ट्स में सेटिंग कर शराब को छिपाया गया था। तलाशी के दौरान इन गुप्त जगहों से भारी मात्रा में शराब बरामद की गई।


उत्पाद विभाग ने स्कॉर्पियो को जब्त कर लिया है। इस मामले में दो तस्करों की गिरफ्तारी की गई है। गिरफ्तार आरोपियों में एक समस्तीपुर और दूसरा वैशाली जिले का रहने वाला बताया गया है।


उत्पाद अधीक्षक अमृतेश कुमार झा ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई थी। शुरुआती जांच में वाहन खाली नजर आ रहा था, लेकिन सघन तलाशी के दौरान स्कॉर्पियो के अलग-अलग हिस्सों में बनाए गए गुप्त तहखाने से शराब बरामद हुई।


फिलहाल उत्पाद विभाग की टीम गिरफ्तार तस्करों से पूछताछ कर रही है और शराब के फॉरवर्ड एवं बैकवर्ड लिंकेज की जांच में जुटी है। शराब कहां से लाई गई थी, कहां पहुंचाई जानी थी और इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। इसकी पड़ताल की जा रही है।


यानी शराब तस्करों ने पुलिस और उत्पाद विभाग की नजरों से बचने के लिए स्कॉर्पियो को ही चलता-फिरता तहखाना बना दिया था... लेकिन गुप्त सूचना और सघन जांच के सामने तस्करों का यह शातिराना खेल बेनकाब हो गया।