Bihar News: डेहरी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी की हत्या कर दी गई है. घटना के बाद नगर सेवा के अधिकारियों में भारी आक्रोश है. ईओ की पत्नी ने घटना के पीछे स्थानीय विधायक की भूमिका बताकर सनसनी फैला दी है. आरोप है कि विधायक सोनू सिंह 50 लाख रू के लिए ईओ पर दबाव बना रहे थे. साजिश रचकर हमारे पति की हत्या करा दी गई है. इधर पुलिस ने ईओ के ड्राईवर को गिरफ्तार कर जेल भेजा है. हालांकि पुलिस की जांच पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं. खुद पर आरोप लगने के बाद डेहरी विधायक ने सफाई दी है और कहा है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी बनाई गई है,जो तमाम बिंदुओं की जांच करेगी. विधायक और ईओ के बीच रिश्तों को लेकर सवाल उठ रहे हैं. दोनों के बीच रिश्ते कैसे थे, क्या किसी बिंदु पर टकराव भी था ?  

ईओ की पत्नी का विधायक पर सीधा आरोप

मृत कार्यपालक पदाधिकारी स्व. विमल कुमार की पत्नी बबीता देवी ने आरोप लगाया है कि विधायक उनके पति से कभी 50 लाख रुपये तो कभी 25 लाख रुपये की मांग करते थे। घटना के बाद उन्होंने मीडिया में कहा कि विधायक क्या-क्या कहते थे, यह वह विस्तार से नहीं बताते थे। बस फोन पर 'हां सर, हां सर' कहते रहते थे। पति उसके कारण काफी परेशान रहते थे। उन्होंने बताया था कि उन्होंने कई बार पति को सलाह दी थी कि वे वहां से तबादला कराकर किसी छोटे शहर में चले जाएं। 'मैं कहती थी कि आप यहां मत रहिए, किसी छोटे स्थान पर पोस्टिंग करा लीजिए। बबीता के अनुसार, 29 जुलाई को उनके पति विधायक से मिलने गए थे। हालांकि, लौटने के बाद उन्होंने मुलाकात में क्या बात हुई, इसकी जानकारी नहीं दी। उन्होंने कहा कि अब उन्हें संदेह है कि उसी मुलाकात के बाद घटनाक्रम ने गंभीर मोड़ लिया।


पुलिस मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, मैसेज की करे जांच- विधायक 

मृतक की पत्नी बबीता देवी द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को डेहरी के लोजपा (रामविलास) के विधायक सोनू सिंह ने सिरे से खारिज किया है और कहा कि यह उन्हें बदनाम करने की राजनीतिक साजिश है.मृतक की पत्नी द्वारा 50 लाख रुपये मांगने और हत्या कराने के लगाए गए आरोपों पर विधायक ने कहा कि यह विपक्ष और राजनीतिक विरोधियों द्वारा उन्हें बदनाम करने का प्रयास है. उन्होंने कहा कि यदि आरोपों में जरा भी सच्चाई है तो पुलिस मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, मैसेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच कराए. जांच से पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी.


तेजस्वी यादव ने सरकार को घेरा, आईजी ने बनाई एसआईटी 

डेहरी के ईओ विमल कुमार हत्याकांड मामले में विधायक पर गंभीर आरोप लगे हैं. पत्नी बबीता के बाद अब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी सरकार से सख्त सवाल पूछे हैं. तेजस्वी यादव का आरोप है कि ईओ विमल कुमार की हत्या में गहरी साजिश रची गई है. मामले में लोजपा विधायक का नाम आ रहा है. ऐसे में क्या सरकार उनका एनकाउंटर करायेगी ? इधऱ,विमल कुमार हत्या मामले में मगध प्रक्षेत्र के आईजी विकास वैभव ने औरंगाबाद एसपी उपेंद्र नाथ वर्मा के नेतृत्व में आठ सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है. एसआईटी को हत्या की साजिश का पर्दाफाश करने, सभी आरोपितों की भूमिका की जांच करने व निर्धारित समय सीमा के अंदर जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। एक अगस्त को हुई हत्या के मामले में मृतक की पत्नी के आवेदन पर बारूण थाने में केस र्ज किया गया है। प्रारंभिक कार्रवाई के दौरान पुलिस ने वाहन चालक मिथिलेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि पुलिस का मानना है कि हत्या की साजिश में अन्य लोगों की भी संलिप्तता हो सकती है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है.


विधायक ने ईओ के खिलाफ विधानसभा में उठाए थे सवाल  

डेहरी-डालमियानगर के ईओ विमल कुमार की हत्या में स्थानीय विधायक सोनू सिंह पर गंभीर आरोप लगे हैं. पत्नी बबीता ने विधायक पर पैसे के लिए प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं. हालांकि विधायक ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है. वैसे विधायक और डेहरी नप के कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार के बीच विकास कार्य को लेकर खींचातानी चल रही थी. पिछले महीने ही स्थानीय विधायक सोनू सिंह ने ईओ के खिलाफ विधानसभा में गैर सरकारी संकल्प लाया था. 


24 जुलाई को गैर सरकारी संकल्प लाया...ईओ को घेरा था 

डेहरी-डालमियानंगर के विधायक सोनू सिंह ने विधानसभा के मानसून सत्र में 24 जुलाई को गैर सरकारी संकल्प लाया था. जिसमें उन्होंने डेहरी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी के खिलाफ आरोप लगाए थे. कहा था कि वे काम नहीं करते हैं. अपना ऑफिस तीन करोड़ का बनाते हैं लेकिन नगर भवन नहीं बनाते. गली-नाली नहीं बनाते. सैयां भये कोतवाल तो डर काहे का...इस कहानी को चरित्रार्थ कर रहे. 


सैयां भये कोतवाल तो डर काहे का.....ईओ तीन करोड़ का अपना ऑफिस बनाते हैं

सोनू सिंह ने गैर सरकारी संकल्प के माध्यम से सवाल उठाया था कि, रोहतास के डेहरी-डालमियानगर के सभी वार्डों में जलजमाव की गंभीर समस्या से जनता आक्रोशित है. ईओ घोर लापरवाह हैं. सरकार जनता को इस समस्या से मुक्त कराए. विधायक ने सदन में आगे कहा था कि, '' हमारे यहां डेहरी-डालमिया नगर में ईओ हैं. कहानी सुने होंगे कहते हैं कि सैयां भये कोतवाल तो डर काहे का. हमारे यहां नगर परिषद में पांच करोड़ की पेंटिंग होती है लेकिन न नाली बनती है न गली बनती है.  विधायक ने कहा कि शहर के एक तरफ सोन है तो दूसरी तरफ नहर है, फिर भी जलजमाव होता है. उनको (ईओ) बार-बार कहने पर भी, पचास लाख के भवन में तीन करोड़ का अपना ऑफिस बनाया जाता है पर नगर भवन नहीं बनाते हैं. मंत्री जी से कहूंगा कि निगाह रहे, क्यो कि वहां की जनता त्राहिमाम स्थिति मे है.