Bihar Crime News: बिहार के दरभंगा में डकैती की घटनाओं का तरीका बदलता नजर आ रहा है। अब बदमाश सिर्फ हथियारों के बल पर वारदात नहीं कर रहे, बल्कि बेहोशी के इंजेक्शन जैसे तरीकों का इस्तेमाल कर पुलिस के सामने नई चुनौती खड़ी कर रहे हैं। शहर और आसपास के क्षेत्रों में पिछले ढाई वर्षों में डकैती की 15 घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इन वारदातों में बदमाशों ने बम विस्फोट और गोलीबारी तक की है।
विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के लक्ष्मीसागर बैंकर्स कॉलोनी में 2 नवंबर 2023 की रात हुई डकैती के दौरान सदर थाना क्षेत्र के बैंककर्मी प्रभाष चंद्र मिश्रा के पिता जीतश चंद्र मिश्रा (66) की हत्या कर दी गई थी। हालांकि, इस घटना सहित कई मामलों में शामिल बदमाशों की गिरफ्तारी पूरी तरह नहीं हो पाई थी कि अपराधियों ने वारदात का तरीका ही बदल दिया।
बहादुरपुर थाना क्षेत्र के डरहार गांव में हुई डकैती में बदमाशों ने कथित तौर पर लोगों को बेहोश करने के लिए इंजेक्शन का इस्तेमाल किया। हालांकि, दर्ज प्राथमिकी में इसका उल्लेख नहीं किया गया है, लेकिन घटना के बाद आसपास के लोगों ने इंजेक्शन देकर बेहोश किए जाने की बात कही है।
इस नए तरीके ने पुलिस की जांच को और जटिल बना दिया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि प्राथमिकी में इंजेक्शन लगाने की बात क्यों दर्ज नहीं कराई गई। घर में पुरुष सदस्य मौजूद होने के बावजूद उन्हें घटना की जानकारी क्यों नहीं हुई, बदमाशों ने चाकू से बाल क्यों काटे और इसका मकसद क्या था, इन सभी सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं।
एफएसएल की टीम कटे हुए बालों की भी जांच कर रही है। पुलिस इंजेक्शन और नीडल की तलाश में जुटी है। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि बदमाश घर में किस रास्ते से दाखिल हुए और अगर पांच अपराधी अंदर आए थे तो बाहर कितने लोग मौजूद थे।
पीड़िता करिश्मा कुमारी के बयान के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। उन्होंने बताया कि गुरुवार शाम करीब सात बजे वह अपने दो वर्षीय पुत्र को कपड़े पहना रही थीं। इसी दौरान उनका 16 वर्षीय भांजा छत पर मोबाइल फोन से बात कर रहा था।
इसी बीच छत के रास्ते दो बदमाश घर में दाखिल हुए। उनके चेहरे काले कपड़े से ढके थे और हाथों में ग्लव्स थे। दोनों ने चाकू दिखाकर करिश्मा को कब्जे में लिया और मुख्य दरवाजा खुलवाया। दरवाजा खुलते ही तीन अन्य बदमाश भी घर में घुस गए।
पांचों अपराधियों ने करिश्मा के हाथ-पैर और मुंह बांध दिए। इसके बाद तीन बदमाशों ने घर के कमरों में रखे जेवरात और नकदी की तलाश शुरू कर दी। जब करिश्मा ने शोर मचाने की कोशिश की तो दो बदमाशों ने चाकू से उनके बाल काट दिए और धमकाकर चुप करा दिया।
वारदात के बाद बदमाश नकदी और जेवर लेकर मुख्य दरवाजे से फरार हो गए। उनके जाने के बाद करिश्मा ने किसी तरह मुंह से बंधा गमछा हटाया और शोर मचाया। आवाज सुनकर उनका भांजा नीचे आया और घटना की जानकारी लोगों को मिली। इसके बाद उन्हें डीएमसीएच में भर्ती कराया गया। पीड़िता के अनुसार सभी बदमाशों की उम्र करीब 30 से 35 वर्ष के बीच थी। चेहरे ढके होने के कारण उनकी पहचान नहीं हो सकी।
दरभंगा में हाल के कई डकैती मामलों में पुलिस अब तक अपराधियों तक नहीं पहुंच सकी है। लक्ष्मीसागर में हुई हत्या और डकैती के मामले में भी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। 21 जून 2025 की रात सदर थाना क्षेत्र के छोटाईपट्टी बेलही गांव में रिटायर्ड शिक्षक मो. तुफैल अहमद के घर हुई डकैती में भी पुलिस को अब तक सफलता नहीं मिली है।
इससे पहले 2 मई 2025 की रात छोटाईपट्टी में रघुवंश सिंह के मकान में रह रहे कई शिक्षकों और डाकघर कर्मी के घर डकैती हुई थी। इस घटना में प्राथमिक विद्यालय छोटाईपट्टी नवटोली के हेडमास्टर अखिलेश कुमार, शिक्षक दीपक कुमार, नीतू कुमारी, पूजा कुमारी और डाकघर कर्मी रोहित कुमार के घर को निशाना बनाया गया था।
इसके अलावा 25 जनवरी 2025 की रात केवटी थाना क्षेत्र के पैगम्बरपुर गांव में ज्वेलर्स व्यवसायी दिलीप साह और 21 फरवरी 2025 की रात छतवन गांव में मो. फजलू रहमान के घर डकैती हुई थी। 2 दिसंबर 2024 को सदर थाना क्षेत्र के छोटाईपट्टी बेलही गांव में कपड़ा व्यवसायी मो. अयूब के घर हुई डकैती का भी अब तक खुलासा नहीं हो सका है।
सदर एसडीपीओ राजीव कुमार ने बताया कि एसएसपी के निर्देश पर गठित एसआईटी टीम पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही घटना से जुड़े सभी तथ्य सामने आएंगे। बदमाशों के बदलते तरीकों ने दरभंगा पुलिस के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या डकैती करने वाला गिरोह एक ही है या अलग-अलग गिरोह नए तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं।