Bihar News: सरकारी नौकरी में रिश्वत कमाकर अकूत संपत्ति अर्जित करने वालों के लिए एक सबक है. रिश्वतखोर इंजीनियर खुद तो दूसरी दफे जेल गए ही, पत्नी को भी हवालात की सैर करवा दिया. पथ निर्माण विभाग के उक्त कार्यपालक अभियंता को 18 नवंबर 2019 को 16 लाख रू रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद 28 नवंबर 2019 को आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का अलग केस दर्ज हुआ. उसी डीए केस में पति-पत्नी दोनों हवालात पहुंच गए हैं.
16 लाख रू रिश्वत लेते रंगे हाथ किया गया था गिरफ्तार
पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता, कटिहार में पोस्टिंग के दौरान तत्कालीन अभियंता अरविंद कुमार ने एक बड़े नेता के बेटे से रिश्वत में मोटी रकम की मांग की थी. इसके बाद उक्त ठेकेदार ने निगरानी ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी. निगरानी ने 18 नवंबर 2019 को आरसीडी के कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार के पटना स्थित अपार्टमेंट में छापेमारी की थी. जहां से एक्जीक्यूटिव इंजीनियर अरविंद कुमार को 16 लाख रुपए घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था.
83 करोड़ के टेंडर में 83 लाख घूस मांगने के आरोप
तब बताया गया था कि, एक्जीक्यूटिव इंजीनियर ने टॉप लाइन इंफ्रा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड के अकाउंटेंट निखिल कुमार से 83 करोड़ रुपये के टेंडर की एवज में 83 लाख रुपये की घूस मांगी थी. पहली किस्त 16 लाख रुपये थी. जिसका सौदा आरोपी इंजीनियर के फ्लैट में होना था. निगरानी ने जाल बिछाते हुए एक्जीक्यूटिव इंजीनियर के अपार्टमेंट में छापेमारी कर रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया था. पकड़े जाने पर आरोपी इंजीनियर ने रुपयों में आग लगा दी थी. निगरानी ब्यूरो ने जली हुई रकम को भी बरामद किया था. हालांकि तब आरोपी इंजीनियर अरविंद कुमार ने साजिश के तहत फंसाने का आरोप लगाया था. निगरानी ने रिश्वतखोर इंजीनियर को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया था.
निगरानी पूर्व में दाखिल कर चुका है चार्जशीट
इस मामले में निगरानी ने 17 नवंबर 2019 को केस सं- 45/19 दर्ज किया था. जिसमें 7/(A) PC ACT-1988 की धारा लगाई गई थी. निगरानी ब्यूरो ने इस केस में कोर्ट में चार्ज शीट भी दाखिल कर दिया है. जिसका नंबर है- CS-04/2020, तारीख है 14.01.2020 .
पहले ट्रैप फिर डीए का दर्ज हुआ था केस
कटिहार में पोस्टेड कार्यपालक अभियंता की गिरफ्तारी के 10 दिनों बाद निगरानी ब्यूरो ने एक और केस (आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का) दर्ज किया. निगरानी ब्यूरो ने यह केस 28 नवंबर 2019 को (53/19) धारा- 13(2) R/W 13(1)(B) IPC ACT-1988 के तहत दर्ज किया . इस मामले में जांच एजेंसी ने 30 दिसंबर 2022 को न्यायालय में चार्जशीट (CS-83/22) दाखिल कर चुकी है. कोर्ट से इस मामले में वारंट जारी किया गया. इसी मामले में कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार और पत्नी दोनों को जेल भेज दिया गया है.
राजीवनगर के नंदपुरी कॉलनी में रहते थे पति-पत्नी
निगरानी ब्यूरो ने बताया है कि आय से अधिक संपत्ति मामले में दो अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। इस मामले में अभियुक्त अरविंद कुमार और उनकी पत्नी रेणु कुमारी के खिलाफ पहले से मामला दर्ज था। दोनों पटना के राजीवनगर थाना क्षेत्र स्थित नंदपुरी कॉलोनी के रहने वाले बताए गए हैं। निगरानी थाना कांड संख्या 053/19 में इनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।
पहले पत्नी फिर पति भी पहुंच गए हवालात
निगरानी की विशेष अदालत ने दो मार्च को दोनों अभियुक्तों के खिलाफ इश्तेहार जारी किया था। कोर्ट के आदेश के बाद निगरानी की टीम लगातार दोनों की तलाश में छापेमारी कर रही थी। इसी दबाव में दोनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई गई। मामले में रेणु कुमारी को 22 मई को गिरफ्तार किया गया था। वहीं लगातार हो रही छापेमारी और दबाव के बाद अरविंद कुमार ने 23 मई को विशेष न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया।