Vigilance Raid Patna: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई की है। निगरानी ब्यूरो की टीम ने रविवार को मधुबनी में तैनात पथ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता रितेश चन्द्र सिन्हा को 5 लाख रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। उनकी गिरफ्तारी पटना के आशियाना स्थित रामनगरी के शिव पार्वती गृह अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर सी-303 से की गई। कार्रवाई के दौरान आरोपी ने निगरानी टीम को देखकर रिश्वत की रकम फ्लैट की खिड़की से बाहर फेंक दी, जिसे टीम ने बरामद कर लिया।
निगरानी ब्यूरो के अनुसार, इस मामले में रोहतास जिले के डेहरी-ऑन-सोन निवासी अरुण कुमार सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि मधुबनी पथ प्रमंडल में चल रहे दो सड़क निर्माण कार्यों के बकाया भुगतान के एवज में कार्यपालक अभियंता ने रिश्वत की मांग की थी।
पहला निर्माण कार्य मधुबनी-राजनगर-बाबूबरही-खुटौना मार्ग पर 1.2 किलोमीटर का है, जिसकी कुल स्वीकृत राशि 5,78,89,003 रुपये बताई गई है। इस सड़क का करीब 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और पहले 50 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
वहीं, दूसरा निर्माण कार्य स्टेडियम चौक, महाराजगंज चौक और सूड़ी हाई स्कूल से संबंधित 2.4 किलोमीटर सड़क का है। इसकी कुल निर्माण राशि 13,48,07,249 रुपये है। इस कार्य का करीब 25 प्रतिशत काम पूरा हुआ है और पहले 1.41 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
शिकायत के मुताबिक, दोनों योजनाओं में करीब 6.50 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित था। आरोप है कि कार्यपालक अभियंता ने बकाया राशि का तीन प्रतिशत यानी 19.50 लाख रुपये रिश्वत के रूप में मांगे थे। तत्काल एडवांस के तौर पर 5 लाख रुपये देने की मांग की जा रही थी।
शिकायत मिलने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने मामले का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगे जाने की बात सही पाई गई। इसके बाद निगरानी थाना कांड संख्या 133/26, दिनांक 6 नवंबर 2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।
मामले की कार्रवाई के लिए पुलिस उपाधीक्षक श्याम बाबू प्रसाद के नेतृत्व में विशेष धावादल का गठन किया गया। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप की कार्रवाई की और 8 नवंबर को आरोपी रितेश चन्द्र सिन्हा को 5 लाख रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।
ब्यूरो के मुताबिक, आरोपी ने अपने हाथों से रिश्वत की रकम ली थी। निगरानी टीम को देखकर उसने पैसे फ्लैट की खिड़की के पास से बाहर स्थित छोटे मैदान में फेंक दिए। हालांकि, टीम ने मौके से पूरी रकम बरामद कर ली। गिरफ्तारी के बाद निगरानी टीम ने पटना स्थित आरोपी के फ्लैट नंबर सी-303 की तलाशी ली। इस दौरान आरोपी और उसके परिजनों के नाम पर अर्जित संपत्ति से जुड़े कई दस्तावेज और निवेश के कागजात बरामद किए गए।
तलाशी में अब तक मिली प्रमुख चीजें इस प्रकार हैं:
6,11,900 रुपये नकद।
सोने और चांदी के आभूषण, जिनका मूल्यांकन किया जा रहा है।
शेयर और एलआईसी में निवेश से संबंधित दस्तावेज।
सात बैंक खातों से संबंधित जानकारी।
जमीन और फ्लैट के कागजात।
लॉकर की चाबी और उससे जुड़े दस्तावेज।
पूछताछ के बाद विशेष निगरानी अदालत में किया जाएगा पेश
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, गिरफ्तार कार्यपालक अभियंता से पूछताछ की जा रही है। इसके बाद उन्हें पटना स्थित विशेष निगरानी न्यायालय में पेश किया जाएगा। फिलहाल मामले में अनुसंधान और तलाशी की कार्रवाई जारी है। बरामद आभूषणों और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच के बाद आरोपी की संपत्ति और निवेश के संबंध में आगे की जानकारी सामने आ सकती है।