Bihar Transport: परिवहन विभाग का एक प्रवर्तन अवर निरीक्षक किसी की नहीं सुनता. न तो डीटीओ का आदेश मानता है और न ही एसडीओ का. इसके बाद जिलाधिकारी ने उक्त गैर जिम्मेदार परिवहन दारोगा के खिलाफ कार्रवाई को लेकर परिवहन विभाग को पत्र लिख दिया. जिलाधिकारी की रिपोर्ट के तीसरे दिन ही आरोपी परिवहन दारोगा को सस्पेंड कर दिया गया है. 

दरभंगा के जिला पदाधिकारी ने 08.05.2026 को परिवहन विभाग को पत्र भेजा .जिसमें कहा गया है कि जिला परिवहन पदाधिकारी, दरभंगा ने 07.05.2026 को सूचित किया है कि धनतेरस कुमार, प्रवर्तन अवर निरीक्षक की प्रतिनियुक्ति राष्ट्रीय लोक अदालत की बिरौल बेंच में की गयी थी. धनतेरस कुमार को दिनांक 08.05.2026 को बिरौल जाकर लोक अदालत से संबंधित सभी आवश्यक तैयारियों का जायजा करने का निदेश दिया गया, लेकिन उक्त निदेश का पालन नहीं किया.

अनुमण्डल पदाधिकारी, बिरौल ने उक्त परिवहन दारोगा धनतेरस कुमार को 09.05.2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों में उपस्थित होकर मदद करने का अनुरोध किया. लेकिन उन्होंने किसी प्रकार का संज्ञान नहीं लिया . जिससे राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों में कठिनाईयाँ उत्पन्न हुई। 

ऐसे में जिला पदाधिकारी, दरभंगा के प्रतिवेदन के आधार पर राष्ट्रीय लोक अदालत जैसे गम्भीर कार्य लापरवाही बरतने के आरोप में परिवहन विभाग ने धनतेरस कुमार, प्रवर्तन अवर निरीक्षक, जिला परिवहन कार्यालय, दरभंगा को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. कुमार का निलंबन अवधि में मुख्यालय जिला परिवहन कार्यालय, भोजपुर (आरा) निर्धारित किया गया है.

धनतेरस कुमार को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के नियम-10 के तहत जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा. जिसका भुगतान जिला परिवहन कार्यालय, भोजपुर (आरा) से होगा। परिवहन दारोगा धनतेरस कुमार के विरुद्ध प्रतिवेदित आरोप की जाँच के लिए अलग से आरोप पत्र गठित किया जायेगा।